facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात जारी, सितंबर में सप्लाई बढ़कर 15.5 लाख बैरल प्रतिदिन

Advertisement

पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत रियायती दर पर रूस से तेल खरीद रहा है। इंडियन ऑयल, एचपीसीएल जैसी रिफाइनर कंपनियों ने खरीदी जारी रखी।

Last Updated- September 11, 2025 | 9:07 AM IST
Picking on India: How US tariff move targets Russian oil-linked exports

रूस से भारत को कच्चे तेल की सिंतबर के शुरुआत से नियमित बनी हुई है। इससे पता चलता है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के दबाव के बावजूद भारत रूस से रियायती दर पर तेल खरीदने को इच्छुक हैं। वैश्विक शिपिंग डेटा और विश्लेषण प्रदाता केप्लर के मुताबिक रूस से भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति सितंबर के शुरुआती नौ दिनों में 15.5 लाख बैरल प्रति दिन थी जबकि यह अगस्त में 14.9 लाख बैरल प्रतिदिन था।

सरकारी कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) सहित भारत की तेल रिफाइनर कंपनियां ने रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखी है। इन कंपनियों का तर्क है कि रूस के तेल पर प्रत्यक्ष प्रतिबंध नहीं हैं।

केप्लर के रिफाइनिंग ऐंड मॉडलिंग के प्रमुख शोधकर्ता सुमित रिठाला ने बताया, ‘भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक रूस है। भारत के कुल कच्चे तेल के आयात में रूस एक तिहाई से अधिक मुहैया करवाता है। यह प्रतिबंधों का दबाव बढ़ने के बावजूद अधिकतम रियायती रूसी तेल हासिल करने की भारत की जारी रणनीति को उजागर करता है।’

भारत के रिफाइनरियों ने रूस के साथ तेल खरीद के जो सौदे जुलाई में किए थे, उनकी आवक सितंबर की शुरुआत में हुई है। इन हालिया प्रतिबंधों का असर सितंबर के अंत या अक्टूबर से ज्यादा स्पष्ट होगा।

Advertisement
First Published - September 11, 2025 | 9:07 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement