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रक्षा निर्यात में भारत ने रचा इतिहास: FY26 में ₹38,424 करोड़ का नया रिकॉर्ड; रक्षा मंत्री बोले- बड़ी छलांग

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स्वदेशी रक्षा क्षमता पर बढ़ा वैश्विक भरोसा; DPSU और प्राइवेट सेक्टर की साझेदारी से मिली बड़ी सफलता

Last Updated- April 02, 2026 | 1:04 PM IST
Defence
Representational Image

India Defence Exports: भारत का सालाना रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 38,424 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62 फीसदी से ज्यादा है। यह जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को दी। राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि रक्षा निर्यात में यह बड़ी छलांग है। यह भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर दुनिया के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि देश एक “प्रभावशाली रक्षा निर्यात सफलता की कहानी” लिख रहा है। भारत का रक्षा निर्यात FY 2025-26 में रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये के नए हाई पर पहुंच गया है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ को दर्शाता है।

Defence PSUs का अहम रोल

राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा निर्यात में 14,802 करोड़ रुपये की यह बड़ी बढ़ोतरी भारत की स्वदेशी क्षमताओं और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग ताकत पर बढ़ते वैश्विक भरोसे को दर्शाती है। इस उपलब्धि में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (DPSUs) का योगदान 54.84 प्रतिशत और निजी उद्योग का 45.16 प्रतिशत रहा।

Rajnath sigh X post

उन्होंने कहा कि यह आत्मनिर्भर और सहयोगात्मक रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र की ताकत को दर्शाता है। भारत का रक्षा निर्यात 2024-25 में 23,622 करोड़ रुपये और 2023-24 में 21,083 करोड़ रुपये रहा था। भारत का रक्षा निर्यात अब 80 से ज्यादा देशों तक पहुंच गया है, और देश में निर्यातकों की संख्या 128 से बढ़कर 145 हो गई है, जो 13.3 प्रतिशत की वृद्धि है।

बीते 3 वित्त वर्ष में भारत का रक्षा निर्यात

वित्त वर्ष रक्षा निर्यात (₹ करोड़) ग्रोथ (%)
2023-24 21,083
2024-25 23,622 ~12%
2025-26 38,424 62.66%

निर्यात में DPSUs, निजी सेक्टर की भागीदारी

सेक्टर योगदान (%)
DPSUs (सरकारी कंपनियां) 54.84%
Private Industry 45.16%

देश में ईंधन या गैस की कोई कमी नहीं: राजनाथ सिंह

दूसरी ओर, चुनावी राज्य केरल में एक सैनिक सम्मान सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने गुरुवार को कहा कि देश में ईंधन या गैस की कोई कमी नहीं है। भारत पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते पैदा होने वाले किसी भी ऊर्जा संकट से निपटने के लिए तैयार है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना के जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले देश के टैंकरों की सुरक्षा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खाड़ी क्षेत्र में भारतीय हितों की रक्षा के लिए अपने कूटनीतिक कौशल का उपयोग कर रहे हैं। सरकार पश्चिम एशिया की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। बता दें, केरल विधानसभा की 140 सीट के लिए चुनाव नौ अप्रैल को होगा।

– पीटीआई इनपुट के साथ

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First Published - April 2, 2026 | 12:57 PM IST

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