facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

विदेशी निवेश पर ब्रेक: लगातार पांचवें महीने घटा FDI, जनवरी में (-) 1.39 अरब डॉलर रहा निवेश

Advertisement

जनवरी 2026 में लगातार पांचवें महीने शुद्ध एफडीआई में कमी आई है, जिसका मुख्य कारण विदेशी निवेशकों की निकासी और भारतीय कंपनियों द्वारा विदेश में बढ़ता निवेश है

Last Updated- March 23, 2026 | 10:34 PM IST
FDI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

जनवरी 2026 में लगातार पांचवें महीने भारत में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(एफडीआई) में कमी आई है। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक धन प्रेषण कम रहने और घरेलू फर्मों द्वारा विदेश में निवेश के कारण ऐसा हुआ है।

जनवरी में शुद्ध एफडीआई (-) 1.39 अरब डॉलर रहा, जो दिसंबर में (-) 49.2 करोड़ डॉलर था।  जनवरी में सकल एफडीआई की आवक 5.67 अरब डॉलर पर स्थिर रही, जबकि विदेशी निवेशकों द्वारा धन निकासी  और विनिवेश बढ़े स्तर पर बना रहा और यह 4.92 अरब डॉलर रहा है। इससे शुद्ध आवक सीमित रही है। इस माह के दौरान भारत में प्रत्यक्ष निवेश 75 करोड़ डॉलर रहा है, जो दिसंबर के 2.54 अरब डॉलर से कम है। 

वहीं इस दौरान भारत की कंपनियों द्वारा विदेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश जनवरी में बढ़कर 2.14 अरब डॉलर रहा, जिससे शुद्ध आवक पर विपरीत असर पड़ा।  वित्त वर्ष 2026 में अप्रैल से जनवरी के दौरान शुद्ध एफडीआई 1.65 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 2.16 अरब डॉलर से कम है। इससे कुल मिलाकर शुद्ध आवक में कमी के संकेत मिलते हैं, जबकि सकल निवेश में बेहतर वृद्धि हुई है। 

इस अवधि के दौरान विदेश में करीब 75 प्रतिशत निवेश अमेरिका, सिंगापुर, ब्रिटेन और यूएई में हुआ है। बहरहाल पोर्टफोलियो प्रवाह लगातार दबाव में बना हुआ है। जनवरी में शुद्ध पोर्टफोलियो निवेश में 1.92 अरब डॉलर की निकासी हुई है, जबकि दिसंबर में यह 4.22 अरब डॉलर थी। 

Advertisement
First Published - March 23, 2026 | 10:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement