facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अगस्त में भारत का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन 4% बढ़ा, माइनिंग और पावर सेक्टर ने दिखाई रफ्तार

Advertisement

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अगस्त में 3.8% की बढ़ोतरी हुई, जो जुलाई के 6% से कम है, जबकि पावर सेक्टर में 4.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो जुलाई के 3.7% से थोड़ा बेहतर है

Last Updated- September 29, 2025 | 4:53 PM IST
Banking Sectir
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

IIP growth August 2025: भारत का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) अगस्त में पिछले साल की तुलना में 4% बढ़ा। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह माइनिंग गतिविधियों में तेजी रही। हालांकि, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों ने 5% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था। जुलाई में ये आंकड़ा 4.3% था, जिसे बाद में बदला गया था।

Also Read: EY ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया, FY26 में अब 6.7% की दर से बढ़ेगी इकॉनमी

किस सेक्टर का कैसा रहा हाल?

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अगस्त में 3.8% की बढ़ोतरी हुई, जो जुलाई के 6% से कम है। पावर सेक्टर में 4.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो जुलाई के 3.7% से थोड़ा बेहतर है। माइनिंग ने इस बार 6% की उछाल दिखाई, जबकि जुलाई में इसमें 7.2% की गिरावट आई थी।

कंज्यूमर गुड्स में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। कार और फोन जैसे टिकाऊ सामान (कंज्यूमर ड्यूरेबल्स) का उत्पादन 3.5% बढ़ा, जो जुलाई के 7.3% से कम है। वहीं, फूड प्रोडक्ट और टॉयलेट्रीज जैसे गैर-टिकाऊ सामान (कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स) में 6.3% की गिरावट आई, जबकि जुलाई में इसमें 0.5% की बढ़ोतरी थी।

कैपिटल गुड्स, जैसे मशीनरी और उपकरण, का उत्पादन 4.4% बढ़ा, जो जुलाई के 6.8% से कम है। अप्रैल से अगस्त तक की बात करें तो इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में 2.8% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले साल की समान अवधि में 4.3% थी।

Advertisement
First Published - September 29, 2025 | 4:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement