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India IIP Growth: अप्रैल में 4.9% बढ़ी भारत के औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार, मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा उछाल

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नए आधार वर्ष के साथ जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन 4.9% बढ़ा है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा

Last Updated- June 01, 2026 | 5:42 PM IST
Industry
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश के औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक अच्छी खबर आई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सालाना आधार पर 4.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। खास बात यह है कि इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) के आंकड़ों को इस बार एक बिल्कुल नए कलेवर में पेश किया गया है, जिसमें बेस ईयर (आधार वर्ष) को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है। नई सीरीज के तहत जारी यह पहला आधिकारिक आंकड़ा है।

मंत्रालय के मुताबिक, अप्रैल 2026 में IIP का त्वरित अनुमान (Quick Estimate) 118.9 पर रहा, जो पिछले साल इसी महीने में 113.1 के स्तर पर था। इस बार औद्योगिक विकास की इस गाड़ी को आगे बढ़ाने में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का सबसे बड़ा हाथ रहा है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने मारी बाजी, माइनिंग में आई गिरावट

औद्योगिक उत्पादन के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें, तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। इसका इंडेक्स अप्रैल 2025 के 112.3 से बढ़कर अब 119.3 पर पहुंच गया है। मंत्रालय ने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े 23 उद्योग समूहों में से 17 ने सकारात्मक बढ़त दिखाई है। इनमें भी सबसे ज्यादा योगदान गाड़ियां (मोटर व्हीकल्स), इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट और भारी मशीनों व उपकरणों के उत्पादन का रहा है।

इसके अलावा, बिजली और गैस सप्लाई इंडेक्स भी बढ़कर 125.5 (पिछले साल 119.6) पर पहुंच गया। वहीं, वाटर सप्लाई, सीवरेज और वेस्ट मैनेजमेंट इंडेक्स में भी तेजी देखी गई और यह 137.1 से चढ़कर 146.1 पर आ गया। हालांकि, माइनिंग (खनन) इकलौता ऐसा प्रमुख क्षेत्र रहा जहां गिरावट दर्ज की गई। माइनिंग का इंडेक्स अप्रैल 2025 के 110.2 से घटकर 104.6 पर आ गया।

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इस्तेमाल के आधार पर देखें तो कैपिटल गुड्स (पूंजीगत सामान) के उत्पादन में सबसे भारी 16 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज हुई है। इंटरमीडिएट गुड्स में 7.7 प्रतिशत, इंफ्रास्ट्रक्चर व कंस्ट्रक्शन गुड्स में 7.1 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (जैसे फ्रिज, टीवी) में 4.3 प्रतिशत की बढ़त रही। रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले सामान (कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स) में 2.8 प्रतिशत और प्राइमरी गुड्स में 0.8 प्रतिशत का मामूली सुधार देखा गया।

IIP की नई सीरीज में क्या है खास?

सरकार ने IIP को और ज्यादा सटीक बनाने के लिए इसके दायरे को काफी बड़ा कर दिया है। अब इसमें गैस सप्लाई, पानी सप्लाई, सीवरेज और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी चीजों को भी जोड़ दिया गया है। नई सीरीज में अब कुल 463 आइटम ग्रुप्स शामिल किए गए हैं, जबकि पुरानी सीरीज में केवल 407 आइटम ग्रुप थे। इसका मतलब है कि नए दौर के कई इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स इसमें शामिल हुए हैं और जो सामान अब ज्यादा नहीं बनते, उन्हें हटा दिया गया है।

इसके साथ ही अब रिन्यूएबल (नवीकरणीय) और नॉन-रिन्यूएबल सोर्सेज से बनने वाली बिजली के आंकड़े अलग से दिखेंगे। अब मई 2026 के अगले IIP आंकड़े 29 जून को जारी किए जाएंगे।

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First Published - June 1, 2026 | 5:36 PM IST

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