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मोदी की इटली यात्रा से भारत को बड़ा फायदा! 20 अरब यूरो व्यापार का लक्ष्य

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा में दोनों देशों ने रक्षा विनिर्माण, दुर्लभ खनिज समेत 15 समझौतों का किया ऐलान

Last Updated- May 21, 2026 | 9:13 AM IST
Narendra Modi

भारत और इटली ने सालाना द्विपक्षीय व्यापार का आंकड़ा वर्ष 2029 तक 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। प्रधानमंत्री बुधवार को अपने पांच देशों के विदेश दौरे के अंतिम चरण में इटली का अपना दौरा समाप्त किया। रोम में प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री मेलोनी के बीच हुई वार्ता के बाद भारत और इटली ने 15 समझौतों का ऐलान किया।

इनमें रक्षा विनिर्माण, महत्त्वपूर्ण खनिजों में सहयोग के लिए भारत-इटली रक्षा औद्योगिक कार्य योजना और भारत से इटली में भारतीय नर्सों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए एक समझौता शामिल था। एक अन्य समझौता इटली को भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने से संबंधित था। मेलोनी ने कहा कि इटली और भारत प्रायद्वीपीय देश हैं और उनकी सरकार भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर (आईएमईसी) को और विकसित करने में दृढ़ विश्वास रखती है।

मोदी ने नागरिक परमाणु क्षेत्र, बंदरगाह आधुनिकीकरण और जहाज निर्माण में इटली को सहयोग करने का आग्रह किया दोनों प्रधानमंत्रियों ने यूक्रेन की स्थिति और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर भी चर्चा की और नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत-इटली द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2025 में 14.25 अरब यूरो का था। भारत से निर्यात का आंकड़ा 8.55 अरब यूरो रहा जबकि इटली का भारत को निर्यात 5.70 अरब यूरो दर्ज किया गया। इटली यूरोपीय संघ में भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और उसने भारत को अपनी वैश्विक व्यापार रणनीति के तहत प्राथमिकता वाले देशों में से एक के रूप में चिह्नित किया है।

इटली यूरोपीय संघ में सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय का घर है जहां 186,833 भारतीय रहते और काम करते हैं। वर्तमान में 5,100 से अधिक भारतीय छात्र इटली के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं। भारत और इटली ने अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया और सहयोग को मजबूत किया। दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक व्यापक कार्य योजना, संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की समीक्षा की।

मोदी मंगलवार रात रोम पहुंचे थे। इटली की प्रधानमंत्री ने उनके सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया और उनके साथ प्रतिष्ठित कोलोसियम का दौरा किया। मोदी ने बुधवार को खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के मुख्यालय का भी दौरा किया। बुधवार सुबह मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक छोटा वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने भारत के पार्ले प्रोडक्ट्स के कन्फेक्शनरी ब्रांड ‘मेलोडी टॉफी’ उपहार में देने के लिए मोदी को धन्यवाद दिया। भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा ‘मेलोडी टॉफी’ उपहार में देना वर्ष 2023 से सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के बीच प्रचलित ‘मेलोडी’ शब्द के संदर्भ में था।

इस बीच, कांग्रेस के राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री के इस कदम की आलोचना की। गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा,‘हमारे सिर पर आर्थिक तूफान मंडरा रहा है और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफी बांटने में व्यस्त हैं।’

गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा,‘किसान, युवा, महिलाएं, मजदूर और छोटे कारोबारी सभी रो रहे हैं प्रधानमंत्री हंस रहे हैं और रील बना रहे हैं जबकि भाजपा के लोग तालियां बजा रहे हैं। यह नेतृत्व नहीं, एक तमाशा है।’ इस आरोप के जवाब में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस नेता पर मोदी के नेतृत्व में देश को मिले ‘वैश्विक सम्मान’ को सहन नहीं कर पा रहे हैं।

एक सोशल मीडिया पोस्ट में गोयल ने कहा,‘भारत की टॉफी की कहानी वाकई कानों को सुकून देती है। वर्ष 2013-14 से भारतीय टॉफी का निर्यात लगभग 166 प्रतिशत बढ़ा है जो 49.68 करोड़ रुपये से बढ़कर 132 करोड़ रुपये हो गया है।’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘लोकल गोज ग्लोबल’ जैसी पहलों के माध्यम से देश दुनिया का ‘विश्वसनीय गंतव्य’ बनकर उभरा है। सोशल मीडिया पोस्ट में पारले प्रोडक्ट्स ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘पार्ले मेलोडी को वैश्विक मंच पर ले जाने’ के लिए धन्यवाद दिया।

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First Published - May 21, 2026 | 9:13 AM IST

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