facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

भारत को तीन दशक तक हर साल 9-10% की ग्रोथ की जरूरतः अमिताभ कांत

फिलहाल भारत दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार मौजूदा मूल्य के आधार पर 31 मार्च, 2024 तक लगभग 3.6 लाख करोड़ डॉलर होने का अनुमान है।

Last Updated- February 21, 2024 | 5:43 PM IST
Amitabh Kant

G20 में भारत के शेरपा अमिताभ कांत (Amitabh Kant) ने बुधवार को कहा कि भारत वर्ष 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा और 2047 तक 35 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए इसे तीव्र गति से बढ़ने की जरूरत है।

कांत ने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन की तरफ से यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत को अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले तीन दशक तक सालाना नौ-10 प्रतिशत की दर से वृद्धि करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। अब जापान, ब्रिटेन एवं जर्मनी सभी देशों के मंदी के दौर में चले जाने पर हमें इस काम को और अधिक तेजी से कर पाने में सक्षम होना चाहिए।’’

फिलहाल भारत दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार मौजूदा मूल्य के आधार पर 31 मार्च, 2024 तक लगभग 3.6 लाख करोड़ डॉलर होने का अनुमान है।

नीति आयोग के पूर्व प्रमुख कांत ने कहा, ‘‘भारत को तीव्र गति से बढ़ने और 2047 तक 35 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए महत्वाकांक्षी होना महत्वपूर्ण है।’’

उन्होंने कहा कि भारत उस समय से काफी आगे बढ़ चुका है जब उसे बहीखाते की समस्याओं का सामना करना पड़ा था। कांत ने कहा कि पश्चिमी देशों में सारे नवाचार गूगल, फेसबुक, अमेजन और एप्पल जैसी कंपनियों से आए। इसके उलट भारत ने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की ताकत को दर्शाया है।

जी20 शेरपा ने कहा कि 2047 तक भारत को बाकी दुनिया के लिए ऊर्जा या स्वच्छ ऊर्जा का निर्यातक बनकर उभरना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य ऊर्जा का सबसे सस्ता उत्पादक, हरित हाइड्रोजन एवं इसके तरल रूप अमोनिया का सबसे सस्ता निर्यातक और इलेक्ट्रोलाइज़र का सबसे बड़ा विनिर्माता बनने का होगा।’’

इसके साथ ही कांत ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत टिकाऊ शहरीकरण, बढ़ी हुई कृषि उत्पादकता और बढ़े हुए निर्यात के दम पर आगे बढ़ेगा।

First Published - February 21, 2024 | 5:43 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट