facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

बिजली उत्पादन के लिए भारत को चाहिए ज्यादा प्राकृतिक गैस

Advertisement

अगस्त में सूखा मौसम रहने के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड पर पहुंच गई। साथ ही पनबिजली, पवन ऊर्जा के उत्पादन में भी कमी आई है।

Last Updated- September 06, 2023 | 10:36 PM IST
free electricity

भारत ने बिजली उत्पादन में अतिरिक्त मात्रा में प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल के साथ इकाइयों से कहा है कि बिजली संयंत्रों के रखरखाव के काम में तेजी लाई जाए। रॉयटर्स ने उस सरकारी नोट को देखा है, जिसमें बिजली की कटौती को रोकने के आपातकालीन कदमों के तहत ये निर्देश दिए गए हैं।

आपात कानून में बिजली संयंत्रों को उत्पादन बढ़ाने के वास्ते आयातित कोयले से संयंत्र चलाने के लिए बाध्य किया गया है और यह कदम उसी नियम का विस्तार है। अगस्त में सूखा मौसम रहने के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड पर पहुंच गई। साथ ही पनबिजली, पवन ऊर्जा के उत्पादन में भी कमी आई है। इसके कारण देश में बिजली की कमी 16 माह के शीर्ष पर पहुंच गई है।

बिजली मंत्रालय ने 5 सितंबर के नोट में कहा है, ‘राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्होंने जिससे बिजली खरीद समझौता किया है, उन सभी गैस आधारित बिजली संयंत्रों में ज्यादा मांग के दिनों में और गैर सौर बिजली उत्पादन के घंटों बिजली लें।’इसमें कहा गया है कि बंद पड़ी इकाइयों को यथाशीघ्र चालू करने की कवायद की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि राज्यों को नए अक्षय एवं ताप बिजली संयंत्रों को चालू करने के काम में तेजी लाने की कवायद करनी चाहिए।

इस कदम से प्राकृतिक गैस की मांग में तेजी आ सकती है और भारत को हाजिर बाजार से ज्यादा एलएनजी कार्गो मंगाने पड़ सकते हैं। सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत का एलएनजी आयात लगातार 3 वित्त वर्षों से घटा है।

मंत्रालय ने कहा है कि आने वाले महीनों के दौरान ज्यादा खरीद की निविदाओं के साथ गेल के गैस आधारित बिजली संयंत्रों को चलाने के लिए अतिरिक्त गैस का इंतजाम करने की योजना बनाई गई है।

बिजली की मांग में तेज वृद्धि

महामारी के बाद से भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। तेज आर्थिक वृद्धि के कारण फैक्टरियों की मांग बढ़ी है और गर्मी की वजह से परिवारों में बिजली की खपत बढ़ गई है। भारत के बिजली उत्पादन में कोयले से बिजली उत्पादन की हिस्सेदारी 23 मार्च 2023 को समाप्त वर्ष में 73 प्रतिशत रही है। वहीं पवन और सौर ऊर्जा सहित अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी कुल उत्पादन का 11 प्रतिशत रही है।

एलएनजी की कीमत ज्यादा होने के कारण भारत में गैस से चलने वाले बिजली संयंत्रों में आधे से ज्यादा करीब 25 गीगावॉट बिजली का उत्पादन नहीं हो पाता है। कुल उत्पादन से गैस से चलने वाले संयंत्रों की हिस्सेदारी पिछले एक दशक के 3 प्रतिशत की तुलना में इस समय घटकर 2 प्रतिशत रह गई है, जिसकी प्रमुख वजह एलएनजी की बढ़ी कीमत है।

Advertisement
First Published - September 6, 2023 | 10:36 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement