वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) उछलकर 7.65 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार मार्च में लगातार दूसरे माह एफडीआई में धनात्मक शुद्ध वृद्धि हुई। मार्च में शुद्ध एफडीआई 1.57 अरब डॉलर था। वर्ष 2024-25 में शुद्ध एफडीआई 95.9 करोड़ डॉलर था।
रिजर्व बैंक ने बताया, ‘वर्ष 2025-26 के दौरान एफडीआई प्रवाह सकल और शुद्ध दोनों मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक था। मार्च में लगातार दूसरे माह शुद्ध एफडीआई में धनात्मक वृद्धि हुई जबकि एफडीआई की सकल आवक में गिरावट दर्ज हुई।
रिजर्व बैंक ने बताया कि मार्च में सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और नीदरलैंड को आधे से अधिक निर्देशित प्रवाह के कारण बाह्य एफडीआई में गिरावट आई। शुद्ध एफडीआई लगातार छह माह ऋणात्मक दायरे में रहने के बाद फरवरी 2026 में धनात्मक दायरे में आई। फरवरी में शुद्ध प्रवाह 4.44 अरब डॉलर था। मार्च में 1.57 अरब डॉलर का शुद्ध एफडीआई प्रवाह हुआ और इसने बीते साल के 50.2 करोड़ डॉलर के एफडीआई बहिर्वाह को उलट दिया। हालांकि मार्च में शुद्ध एफडीआई का प्रवाह फरवरी के स्तर से कम था।
वर्ष 2025-26 में प्रत्यक्ष निवेश की सफल आवक बढ़कर 40.95 अरब डॉलर हो गई जबकि यह पिछले वर्ष 29.13 अरब डॉलर था। वर्ष 2025-26 में प्रत्यक्ष निवेश की सफल आवक को उच्च इक्विटी प्रवाह और पुनर्निवेशित आय से समर्थन मिला था। वर्ष 2025-26 में सकल बढ़कर 94.53 अरब डॉलर हो गया जबकि यह पिछले वर्ष 80.62 अरब डॉलर था। इक्विटी आवक 50.99 अरब डॉलर से बढ़कर 62.88 अरब डॉलर हो गई।