भारत के ओमान के साथ व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) से न केवल महत्त्वपूर्ण निर्यात के अवसर मिलेंगे, बल्कि खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) देशों के साथ-साथ पूर्वी अफ्रीका तक व्यापार के द्वार खुल जाएंगे। यह बात सोमवार को ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौता लागू होने के मौके पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कही।
संवाददाताओं से बातचीत में गोयल ने कहा, ‘भारत के लिए ओमान एक बाजार से कहीं बढ़कर है, इसलिए इसके साथ समझौता मतलब कारोबार के व्यापार मौके खुलना है। यह सोहर, डुक्म और सलालाह जैसे अपने बंदरगाहों के जरिये जीसीसी देशों, पूर्वी अफ्रीका और हिंद महासागर अर्थव्यवस्था तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करता है।’
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट में व्यवधान के बीच ओमान की भौगोलिक स्थिति भारत को इस संकरे समुद्री मार्ग पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकती है। अप्रैल में आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बीच जीसीसी देशों को भारत का निर्यात 35 प्रतिशत गिर गया। दिसंबर में हस्ताक्षरित व्यापार सौदे के तहत ओमान ने 98 प्रतिशत टैरिफ लाइनों के लिए शुल्क-मुक्त पहुंच की पेशकश की है, जो खाड़ी देश को भारत के निर्यात मूल्य का 99 प्रतिशत कवर करता है।