भारत तीन वर्षों में हस्ताक्षर किए गए नौ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अगले 10 महीनों में लागू करने की उम्मीद कर रहा है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को बताया कि अगले वर्ष तीन से चार और महत्त्वपूर्ण समझौते करने की योजना है। उनके इस वक्तव्य से देश को विनिर्माण व निवेश का केंद्र बनाने और वैश्विक बाजारों के साथ एकीकरण को गहरा करने की सरकार की इच्छा उजागर होती है।
गोयल ने मुंबई में सिटी 2026 इंडिया कॉन्फ्रेंस में कहा कि ओमान एफटीए 1 जून को लागू होने के बाद अगले छह महीनों में कम से कम दो से तीन ‘बहुत ही महत्त्वपूर्ण” एफटीए लागू होंगे। हाल के वर्षों में हस्ताक्षर किए गए नौ समझौतों में 38 विकसित अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। ये अर्थव्यव्स्थाएं ‘भारत के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं करती हैं, बल्कि भारत की विकास गाथा की पूरक हैं।’
गोयल ने वैश्विक निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे-जैसे बहुराष्ट्रीय निगम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं, भारत दुनिया का सबसे विश्वसनीय वैकल्पिक विनिर्माण गंतव्य बन गया है। उन्होंने बताया, ‘मेरी लगभग 50 (अंतरराष्ट्रीय) कंपनियों के साथ बातचीत हुई। वे मेरे साथ गोलमेल सम्मेलन में शामिल हुई थीं। वे मुझे स्पष्ट रूप से यह तस्वीर देती हैं कि दुनिया भारत को विनिर्माण केंद्र, विश्वसनीय भागीदार, निवेश गंतव्य के रूप में एकमात्र विश्वसनीय विकल्प के रूप में देख रही है जो सुरक्षित है।’
गोयल ने कहा कि सरकार ने हाल ही में 100 औद्योगिक पार्कों को विकसित करने के लिए 3.5 अरब डॉलर के व्यय के साथ कार्यक्रम शुरू किया है। पार्क तैयार-से-उपयोग वाले औद्योगिक बुनियादी ढांचे प्रदान करेंगे। इसमें भूमि, उपयोगिताएं, श्रमिक आवास, पर्यावरण मंजूरी और डिजिटल कनेक्टिविटी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘हम फैक्ट्री-तैयार बुनियादी ढांचा प्रदान कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि सरकार की भूमिका नियामक के बजाय सुविधाप्रदाता की बढ़ती जा रही है।