2025 में भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत अब ब्रिटेन (UK) से पीछे चला गया है। भारत की जीडीपी लगभग 3.92 ट्रिलियन डॉलर रही, जबकि ब्रिटेन की जीडीपी करीब 4 ट्रिलियन डॉलर है। इसका मतलब है कि भारत एक पायदान नीचे खिसक गया है।
भारत समेत बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की जीडीपी (ट्रिलियन डॉलर में)
| साल | अमेरिका | चीन | जर्मनी | जापान | ब्रिटेन | भारत | फ्रांस |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2021 | 23.73 | 18.18 | 4.36 | 5.23 | 3.20 | 3.08 | 2.97 |
| 2022 | 26.05 | 18.34 | 4.27 | 4.45 | 3.19 | 3.25 | 2.80 |
| 2023 | 27.81 | 18.37 | 4.56 | 4.38 | 3.42 | 3.50 | 3.06 |
| 2024 | 29.30 | 18.95 | 4.68 | 4.19 | 3.70 | 3.76 | 3.16 |
| 2025 | 30.77 | 19.63 | 5.05 | 4.44 | 4.00 | 3.92 | 3.37 |
| 2026 | 32.38 | 20.85 | 5.45 | 4.38 | 4.26 | 4.15 | 3.60 |
| 2027 | 33.79 | 21.93 | 5.64 | 4.56 | 4.47 | 4.58 | 3.67 |
| 2028 | 35.07 | 23.26 | 5.82 | 4.74 | 4.68 | 5.06 | 3.78 |
| 2029 | 36.36 | 24.66 | 6.00 | 4.87 | 4.90 | 5.60 | 3.89 |
| 2030 | 37.68 | 26.05 | 6.18 | 5.00 | 5.15 | 6.17 | 4.00 |
| 2031 | 39.03 | 27.50 | 6.35 | 5.13 | 5.40 | 6.79 | 4.12 |
नोट: 2026 से 2031 तक के आंकड़े अनुमानित हैं। भारत में वर्ष की गणना वित्त वर्ष के अनुसार होती है, जो अप्रैल से मार्च तक चलता है।
पहले उम्मीद थी कि भारत 2025 में जापान को पीछे छोड़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा, लेकिन अब यह लक्ष्य आगे बढ़ गया है। नए अनुमान के मुताबिक, 2026 में भी भारत जापान से पीछे रह सकता है। वहीं जर्मनी को पीछे छोड़ने का समय भी आगे खिसककर अब 2031 हो गया है, जो पहले के अनुमान से करीब दो साल बाद है।
| साल | अमेरिका | चीन | जर्मनी | जापान | ब्रिटेन | भारत | फ्रांस |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2021 | 24.1 | 117.31 | 4.3 | 573.57 | 3.2 | 229.81 | 230 |
| 2022 | 26.4 | 123.34 | 4.4 | 584.90 | 3.3 | 261.18 | 260 |
| 2023 | 28.6 | 129.43 | 4.5 | 616.03 | 3.5 | 289.84 | 290 |
| 2024 | 30.5 | 134.92 | 4.7 | 634.23 | 3.7 | 318.07 | 320 |
| 2025 | 32.2 | 140.19 | 5.0 | 663.76 | 4.0 | 346.51 | 350 |
| 2026 | 34.0 | 145.88 | 5.2 | 677.60 | 4.2 | 384.53 | 380 |
| 2027 | 35.6 | 152.95 | 5.4 | 700.19 | 4.4 | 426.02 | 420 |
| 2028 | 37.2 | 161.42 | 5.6 | 719.40 | 4.7 | 471.86 | 470 |
| 2029 | 38.9 | 170.57 | 5.8 | 739.46 | 4.9 | 522.73 | 520 |
| 2030 | 40.5 | 179.76 | 6.0 | 760.70 | 5.1 | 578.99 | 580 |
| 2031 | 42.2 | 189.46 | 6.2 | 781.32 | 5.4 | 641.37 | 640 |
नोट: 2026 से 2031 तक के आंकड़े अनुमानित हैं। भारत में वर्ष की गणना वित्त वर्ष के अनुसार होती है, जो अप्रैल से मार्च तक चलता है।
हालांकि वैश्विक रैंकिंग में गिरावट आई है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था देश के अंदर काफी मजबूत बनी हुई है। 2021 से 2025 के बीच भारत की जीडीपी में औसतन 8.56 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज की गई है, जो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा मानी जा रही है।
भारत के पीछे जाने की सबसे बड़ी वजह रुपये की कमजोरी है। वित्त वर्ष 2026 में रुपया डॉलर के मुकाबले 4.6 प्रतिशत कमजोर हुआ है और वित्त वर्ष 2027 में इसके और कमजोर होने का अनुमान है। जब रुपया गिरता है, तो डॉलर में गिनी जाने वाली भारत की जीडीपी कम दिखाई देती है, जिससे वैश्विक रैंकिंग पर असर पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 14 अप्रैल को भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.5 प्रतिशत कर दिया है। वहीं देश के अंदर के अनुमान बताते हैं कि वित्त वर्ष 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है।
सोर्स: World economic outlook April 2026, IMF