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India US Trade Deal: बाजार की दिशा बदली, जानिए क्यों एक्सपर्ट्स इस डील को ‘गेम चेंजर’ बता रहे हैं

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टैरिफ में बड़ी कटौती के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा, भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में भूमिका होगी मजबूत

Last Updated- February 03, 2026 | 8:45 AM IST
India US Trade Deal

India US Trade Deal: कई महीनों की अनिश्चितता, ऊंचे टैरिफ और वैश्विक तनाव के माहौल के बीच भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील ने बाजार की दिशा बदल दी है। टैरिफ में भारी कटौती और बेहतर बाजार पहुंच ने न सिर्फ कारोबार को राहत दी है, बल्कि 2026 के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ को लेकर उम्मीदें भी तेज कर दी हैं। जानकारों का मानना है कि यह समझौता भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में और मजबूत प्लेयर बना सकता है।

अर्था भारत इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स IFSC LLP के मैनेजिंग पार्टनर सचिन सावरिकर ने इस ट्रेड डील को निर्णायक करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका समझौता दुनिया की सबसे अहम आर्थिक साझेदारियों में से एक को नई ताकत देता है और इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।

अनिश्चितता हटी, निवेश का रास्ता खुला

सावरिकर के मुताबिक, इस समझौते से बाजार तक पहुंच आसान हुई है और नीतियों को लेकर बना असमंजस खत्म हुआ है। उन्होंने कहा कि जब नियम साफ होते हैं, तो पूंजी निवेश तेजी से बढ़ता है और यही इस डील की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि मजबूत द्विपक्षीय व्यापार से भारत और अमेरिका के बीच पूंजी फ्लो तेज होगा। इससे विदेशी संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी और भारतीय कंपनियों की वैश्विक सप्लाई चेन में भूमिका और गहरी होगी।

एडलवाइस म्यूचुअल फंड के प्रेसिडेंट और CIO-इक्विटीज त्रिदीप भट्टाचार्य ने कहा कि टैरिफ को करीब 50 प्रतिशत से घटाकर लगभग 18 प्रतिशत करना बाजार की उम्मीदों से कहीं बेहतर है। उनके मुताबिक, यह कटौती निवेशकों के लिए अच्छी खबर है।

India US Trade Deal: 2026 के लिए मजबूत ग्रोथ संकेत

त्रिदीप भट्टाचार्य ने कहा कि हाल ही में हुए भारत–यूरोपीय संघ ट्रेड समझौते के साथ मिलकर यह डील 2026 में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सबसे मजबूत बाहरी ग्रोथ सपोर्ट में से एक साबित हो सकती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत व्यापार और पूंजी फ्लो से मध्यम अवधि में रुपये को सहारा मिलेगा। साथ ही शेयर बाजार में खासकर निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े सेक्टरों में अच्छा माहौल बनेगा।

भारत का वैश्विक कद और ऊंचा

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और यूरोप दोनों के साथ मजबूत होते व्यापारिक रिश्ते यह साफ संकेत दे रहे हैं कि भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में कहीं ज्यादा आत्मविश्वास और मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।

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First Published - February 3, 2026 | 8:45 AM IST

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