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India–US trade deal: भारत नहीं दिखाएगा जल्दबाजी, अमेरिका से व्यापार समझौते पर संतुलित रुख के संकेत

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अमेरिका ने भारत सहित कई देशों को उसके साथ व्यापार समझौता करने के लिए 90 दिनों का समय दिया है जिसकी समय सीमा 9 जुलाई को समाप्त हो रही है।

Last Updated- June 23, 2025 | 10:55 PM IST
India US Trade Deal

अमेरिका के साथ व्यापार समझौता पूरा करने में भारत कोई हड़बड़ी नहीं दिखाएगा। इस बारे में एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि 9 जुलाई की निर्धारित समय सीमा तक व्यापार समझौता करने में भारत जल्दबाजी नहीं दिखा रहा है मगर दोनों पक्ष विभिन्न चुनौतियों के बीच सकारात्मक सोच के साथ एक दूसरे के साथ बातचीत कर रहे हैं।

अधिकारी ने कहा, ‘फिलहाल यह कह पाना मुश्किल है कि 9 जुलाई से पहले अमेरिका के साथ समझौता हो पाएगा या नहीं। मुझे नहीं लगता कि कोई भी देश व्यापार समझौता करने के लिए इतना उतावलापन दिखाएगा।  हम अमेरिका के साथ एक लाभकारी और ठोस व्यापार समझौता करना चाहते हैं। दोनों ही पक्ष एक संतुलित समझौता करने के पक्ष में हैं।’

यह कहीं न कहीं इस बात का इशारा है कि सरकार जवाबी शुल्क के डर से अमेरिका को खुश करने के लिए बिना सोचे-समझे आनन-फानन में कोई समझौता नहीं करेगी। अमेरिका ने भारत सहित कई देशों को उसके साथ व्यापार समझौता करने के लिए 90 दिनों का समय दिया है जिसकी समय सीमा 9 जुलाई को समाप्त हो रही है। इस बारे में एक दूसरे अधिकारी ने कहा, ‘भारत का हित सर्वोच्च है और वह इससे कभी समझौता नहीं करेगा।’

डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जल्द ही अमेरिका के साथ व्यापार करने वाले प्रत्येक देश को बता देंगे कि 9 जुलाई के बाद उन पर कितना शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप के इस बयान पर पहले अधिकारी ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम को 2 अप्रैल को हुई शुल्कों की घोषणाओं से यह कितना अलग होगा। अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के व्यापार वार्ताकार भी नहीं जानते कि 90 दिनों की समय सीमा बढ़ाई जाएगी या नहीं।

पहले अधिकारी ने विशेष रूप से डेरी को भारत के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र बताया। उन्होंने इस क्षेत्र में अमेरिका को बाजार पहुंच की अनुमति देने पर मतभेद होने का संकेत दिया। उन्होंने कहा, ‘भारत ने ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया के लिए भी इस क्षेत्र को नहीं खोला है। मगर इसमें अमेरिका की काफी दिलचस्पी दिख रही है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने फरवरी में पारस्परिक तौर पर लाभकारी एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमति जताई थी। उसका पहला चरण इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि अमेरिका ने भारत सहित कई अन्य देशों पर जवाबी शुल्क लगाया और बाद में 10 फीसदी बुनियादी शुल्क को बरकरार रखते हुए व्यापार समझौतों पर बातचीत करने के लिए उसे 90 दिन के लिए टाल दिया। दोनों पक्षों ने 9 जुलाई से पहले एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई थी।

पहले अधिकारी ने कहा, ‘जब आप अंतरिम समझौते पर चर्चा करते हैं, तो सब कुछ सामने होता है। मगर इसका मतलब यह नहीं है कि सब कुछ समझौते का हिस्सा होगा। इसलिए हमें एक ऐसा पैकेज तलाशना होगा जिससे दोनों पक्षों को लगे कि वह अपने हितधारकों के लिए कुछ लेकर गए हैं। अंतरिम समझौते के तहत हम जिन मुद्दों पर सहमत होंगे, वे व्यापार समझौते में भी शामिल होंगे।’

अधिकारी ने कहा कि भारत किसी अन्य व्यापार समझौते के पूरा होने का इंतजार नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘आप किसी समझौते पर तभी हस्ताक्षर करते हैं जब आपकी अपेक्षाएं और आवश्यकताएं पूरी होती हैं या नहीं। हम एक अनूठा देश हैं। हमारी आवश्यकताएं वियतनाम या चीन से अलग हैं।’

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First Published - June 23, 2025 | 10:51 PM IST

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