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India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत तेज, सरकार ने तैयारियां शुरू की

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विभिन्न मंत्रालयों के साथ परामर्श जारी, शुल्क विवाद के बीच व्यापार करार को अंतिम रूप देने की तैयारी

Last Updated- February 20, 2025 | 11:15 PM IST
India and US

सरकार अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर चर्चा के लिए जरूरी तैयारी में जुट गई है। कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच व्यापार करार पर बातचीत शुरू करने की घोषणा की थी। इसे देखते हुए सरकार ने प्रस्तावित व्यापार सौदे के प्रमुख बिंदुओं को तैयार करने पर काम शुरू कर दिया है।

वाणिज्य विभाग ने विभिन्न सरकारी विभागों एवं मंत्रालयों के साथ चर्चा का दौर शुरू कर दिया है। शुरुआती चर्चा का मकसद सबसे पहले प्रत्येक क्षेत्र में चल रही गतिविधियों, व्यापार से जुड़े पेचीदा मुद्दों और हितों का गहराई से अध्ययन करना है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार विभागों से इसका पता लगाने के लिए भी कहा गया है कि भारत और अमेरिका दोनों ही पक्षों से क्या मांग की जा सकती है, यानी भारत किस हद तक अपने हितों के साथ समझौता कर सकता है और वह अमेरिका से किस तरह ऐसी ही मांग कर सकता है।

उदाहरण के लिए वाहन क्षेत्र से संबंधित भारी उद्योग मंत्रालय के साथ पहले चरण की बैठक हो चुकी है तथा अन्य मंत्रालयों के साथ अगले सप्ताह बैठकें होंगी। अधिकारियों ने कहा कि जब भारत और अमेरिका व्यापार सौदे से जुड़ी मुख्य बातों पर सहमत हो जाएंगे तो संबंधित मंत्रालय वाहन उद्योग के साथ परामर्श शुरू कर देगा।

इस बारे में एक सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘हम विभिन्न मंत्रालयों के साथ बैठक कर उन्हें प्रधानमंत्री के अमेरिका दौरे, द्विपक्षीय व्यापार समझौते और पारस्परिक शुल्कों के बारे में विस्तार से समझा रहे हैं। हम उनकी कमजोरियों और अच्छी बातों को समझने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि हमें द्विपक्षीय व्यापार समझौता करना है तो उसके समाधान पर भी काम करना होगा।’

पिछले सप्ताह मोदी और ट्रंप ने अगले 7 से 8 महीनों के भीतर बातचीत शुरू करने और द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की थी। इन बैठकों का महत्त्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह अप्रैल की शुरुआत में दूसरे देशों पर पारस्परिक शुल्क लगाने की तैयारी कर रहा है।

ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि वह भारत को इस शुल्क के दायरे से बाहर नहीं रखेगा। उन्होंने भारत को लगातार अधिक शुल्क लगाने वाला देश बताया है और कहा है कि भारत अमेरिका से आयात होने वाली मोटरसाइकल और कृषि उत्पादों पर काफी अधिक शुल्क लगाता है।

एक अधिकारी के अनुसार भारत अभी औद्योगिक विकास के जिस चरण से गुजर रहा है जिसे देखते हुए उसके लिए अपने घरेलू उद्योगों को सुरक्षित रखना जरूरी है इसलिए ऊंचे शुल्क लगाना उसकी मजबूरी है। हालांकि भारत ने शुल्क पर अमेरिका की चिंता दूर करने का प्रयास किया है। सरकार ने 1 फरवरी को पेश बजट में कई वस्तुओं पर सीमा शुल्क घटाने की घोषणा की थी।

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First Published - February 20, 2025 | 11:10 PM IST

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