facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

दूसरी तिमाही में भी बरकरार रहेगी भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार, जीडीपी ग्रोथ रेट 7% से ज्यादा रहने का अनुमान

Advertisement

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही थी। राष्ट्रीय सां​ख्यिकी कार्यालय 28 नवंबर को दूसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े जारी कर सकता है

Last Updated- November 13, 2025 | 10:23 PM IST
GDP

उपभोग मांग में सुधार, सामान्य से बेहतर मॉनसून, मजबूत औद्योगिक वृद्धि और निरंतर सार्वजनिक पूंजीगत व्यय के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था की वृ​द्धि की रफ्तार चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भी बरकरार रहेगी। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7 फीसदी से अ​धिक रह सकती है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वृद्धि दर 7.8 फीसदी रही थी। राष्ट्रीय सां​ख्यिकी कार्यालय 28 नवंबर को दूसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े जारी कर सकता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 1 अक्टूबर को संपन्न अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को पहले के 6.7 फीसदी से बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है। आरबीआई ने कहा था कि सितंबर तिमाही में घरेलू आर्थिक गतिविधि में गति बनी हुई है।

अधिकतर अर्थशास्त्रियों का मानना ​​है कि अनुकूल आधार प्रभाव और कम अपस्फीति दर, जिसने पहली तिमाही में वृद्धि दर को बढ़ावा दिया था, उसका असर दूसरी तिमाही में भी बना रह सकता है। भारतीय निर्यात पर अमेरिका में शुल्क 27 अगस्त से बढ़कर 50 फीसदी हो गया मगर दूसरी तिमाही में इसका पूरा प्रभाव नहीं दिखा। मगर अमेरिका जाने वाली माल की खेप पहली तिमाही की तुलना में कम हुई है। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती का पूरा प्रभाव दूसरी तिमाही में नहीं दिखेगा क्योंकि नई दरें 22 सितंबर को लागू हुई थीं।

आईडीएफसी बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता ने दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही में दोपहिया और ट्रैक्टरों की बिक्री में तेजी से ग्रामीण बाजारों में सुधार का संकेत दिख रहा है।

केयरएज रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने दूसरी तिमाही के लिए 7.2 फीसदी जीडीपी वृद्धि का अनुमान जाहिर किया। उन्होंने कहा कि उच्च टैरिफ के बावजूद गैर-पेट्रोलियम और गैर-कृषि क्षेत्रों में भारत से अमेरिका को निर्यात रफ्तार में है। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के लिए भारी आवंटन के कारण निर्माण क्षेत्र में मजबूती बरकरार रहने की उम्मीद है।

इंडिया रेटिंग्स के सहायक निदेशक पारस जसराय ने दूसरी तिमाही के लिए 7.2 फीसदी जीडीपी वृद्धि का अनुमान जाहिर किया। उन्होंने कहा कि घरेलू मांग में मजबूती के कारण अर्थव्यवस्था मु​श्किल हालात से उम्मीद से बेहतर तरीके से उबर रही है। उन्होंने कहा कि अनिश्चितता के माहौल में निवेश मांग को रफ्तार देने में सरकार के पूंजीगत व्यय की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण दिख रही है।

सेनगुप्ता ने कहा कि उच्च टैरिफ श्रम की अ​धिकता वाले एमएसएमई क्षेत्र को प्रभावित करेंगे। इसका वस्तुओं के कुल निर्यात में 45 फीसदी योगदान है। इससे 12 महीने की अवधि में वास्तविक जीडीपी वृद्धि में 1 फीसदी की गिरावट आने की आशंका है।

Advertisement
First Published - November 13, 2025 | 10:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement