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मई में ई-वे बिल सृजन पहुंचा चौथे सबसे ऊंचे स्तर पर, अर्थव्यवस्था में तेजी के संकेत

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मई में ई-वे बिल सृजन बढ़कर 1,360.8 लाख हो गया, जो GST लागू होने के बाद चौथा सबसे ऊंचा स्तर है

Last Updated- June 11, 2026 | 8:29 AM IST
eway bill

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत मई में ई-वे बिल सृजन बढ़कर 1,360.8 लाख हो गया जबकि पिछले साल इसी महीने में 1,226.5 लाख था। लिहाजा इसमें मई में बीते साल के इस माह की तुलना में लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अगर पिछले महीने (अप्रैल) के 1,337.2 लाख के आंकड़े से तुलना करें तो ई-वे बिल सृजन में 2.03 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

जीएसटी लागू होने के बाद मई में जीएसटी सृजन चौथा सबसे ऊंचा स्तर था। यह घरेलू व्यापार और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में लगातार तेजी का संकेत देता है। दरअसल, 50,000 रुपये से अधिक मूल्य के सामान की आवाजाही के लिए ई-वे बिल अनिवार्य हैं। इन्हें घरेलू व्यापार गतिविधियों, सप्लाई चेन मूवमेंट और टैक्स नियमों के पालन के महत्त्वपूर्ण और जल्दी-जल्दी अपडेट होने वाले संकेतक के तौर पर देखा जाता है।

डेलॉयट के पार्टनर हरप्रीत सिंह ने कहा, ‘ई-वे बिल सृजन में लगातार वृद्धि आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और जीएसटी नियमों के बेहतर पालन का मजबूत संकेत है। लॉजिस्टिक्स से जुड़े आंकड़े होने के अलावा ई-वे बिल सामान की आवाजाही पर रियल-टाइम नजर रखने का काम करते हैं। इसलिए इनमें बढ़ोतरी कर संग्रह और अर्थव्यवस्था में बिजनेस के माहौल – दोनों के लिए उत्साहजनक संकेत है।’

इकनॉमिक लॉ प्रैक्टिस के पार्टनर कुमार विशालाक्ष के अनुसार मई में ई-वे बिल सृजन का 1,360.8 लाख तक पहुंचना सामान की मजबूत आवाजाही, लगातार आर्थिक गतिविधियों और जीएसटी नियमों के निरंतर पालन को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, ‘जीएसटी लागू होने के बाद से यह चौथा सबसे ऊंचा मासिक आंकड़ा है। यह आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत भागीदारी और तकनीक आधारित कर प्रबंधन की प्रभावशीलता को दिखाता है। साथ ही, यह स्थिर जीएसटी राजस्व में मदद कर सकता है और सरकार को आर्थिक रुझानों के बारे में जानकारी दे सकता है।’

ये आंकड़े वित्त वर्ष 27 के शुरुआती संकेत हैं। इसमें निजी खपत का मुख्य नेतृत्वकर्ता बने रहने की उम्मीद है। इंडिया रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 27 में निजी अंतिम खपत व्यय (पीएफसीई) 7.6 प्रतिशत होने का अनुमान जताया है और यह वित्त वर्ष 26 के 7.4 प्रतिशत अनुमान से अधिक है। विभिन्न एजेंसियों ने वित्त वर्ष 27 के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.5-7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

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First Published - June 11, 2026 | 8:29 AM IST

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