facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

India’s Export, Import: टॉप 10 देशों को निर्यात तेजी से बढ़ा, आयात के मामले में चीन, रूस सबसे ऊपर

Advertisement

आयात के मामले में भारत के शीर्ष 10 देशों में सिंगापुर, सऊदी अरब और स्विट्जरलैंड को छोड़कर अन्य से आयात में वृद्धि हुई।

Last Updated- July 19, 2024 | 11:11 PM IST
निजी बंदरगाहों पर ढुलाई तेजी से बढ़ी, सरकारी बंदरगाहों की वृद्धि दर कम , Private, state ports' growth outpaces central counterparts till Q3 FY24

भारत के शीर्ष 10 प्रमुख निर्यात गंतव्यों में अप्रैल-जून की तिमाही में निर्यात 16.5 प्रतिशत की अच्छी दर से बढ़ा है, जबकि इस दौरान भारत का कुल वस्तु निर्यात 5.8 प्रतिशत की दर से बढ़ा था। यह जानकारी वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों में दी गई है।

इस दौरान भारत के लिए शीर्ष 10 निर्यात केंद्रों में केवल चीन को निर्यात में 2.8 प्रतिशत की गिरावट आई। लेकिन इनमें से शेष 9 देशों में अमेरिका (10.4 प्रतिशत), संयुक्त अरब अमीरात (17.6 प्रतिशत), नीदरलैंड (41.3 प्रतिशत), यूनाइटेड किंगडम (21.9 प्रतिशत), सिंगापुर (26.55 प्रतिशत), सऊदी अरब (4.9 प्रतिशत), बांग्लादेश (10.5 प्रतिशत), जर्मनी (3.4 प्रतिशत) और मलेशिया (81.8 प्रतिशत) में अच्छी धनात्मक वृद्धि दर्ज की गई।

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इन शीर्ष 10 देशों की भारत के कुल वस्तु निर्यात में हिस्सेदारी 52 प्रतिशत थी। भारत के लिए निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र अमेरिका बना हुआ है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और नीदरलैंड हैं।

वित्त वर्ष 2023-24 में तीन प्रतिशत की गिरावट के बाद भारत के निर्यात में मौजूदा वर्ष में लगातार तीन महीनों में धनात्मक वृद्धि नजर आई। हालांकि यह वृद्धि एकसमान नहीं थी। इस वित्त वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई जबकि मई में निर्यात में 13 प्रतिशत का जबरदस्त इजाफा हुआ। हालांकि इसमें जून के दौरान महज 2.5 प्रतिशत की वृदि्ध हुई। इसका कारण यह था कि मांग सुस्त होने और लॉजिस्टिक्स संबंधी चिंताओँ के कारण निर्यातकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

आयात

आयात के मामले में भारत के शीर्ष 10 देशों में सिंगापुर, सऊदी अरब और स्विट्जरलैंड को छोड़कर अन्य से आयात में वृद्धि हुई। इन 10 देशों की भारत के कुल वस्तु आयात में हिस्सेदारी 62 प्रतिशत से अधिक थी। इन 10 देशों से आयात 12 प्रतिशत बढ़ा जबकि कुल आयात में 7.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ। विदेशों से इलेक्ट्रॉनिक सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, अलौह धातुएं और मशीनरी अधिक मंगाए जाने के कारण आयात में इजाफा हुआ।

अमेरिका (5.4 प्रतिशत), यूएई (35.7 प्रतिशत), इराक (27.6 प्रतिशत), इंडोनेशिया (17.9 प्रतिशत), दक्षिण कोरिया (7.2 प्रतिशत), रूस (19.7 प्रतिशत) और चीन (8.3 प्रतिशत) से आयात में इजाफा हुआ। जून तिमाही में रूस से आयात करीब 20 फीसदी बढ़कर 18.36 अरब डॉलर हो गया।

भारत सबसे ज्यादा आयात चीन से करता है और उसके बाद रूस है। स्विट्जरलैंड से प्रमुख तौर पर सोने का आयात होता है और वहां से आयात 10.5 प्रतिशत गिरकर 4.56 अरब डॉलर हो गया।

Advertisement
First Published - July 19, 2024 | 10:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement