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IIP मार्च में घटकर 5 महीने के निचले स्तर 4.1% पर, मैन्युफैक्चरिंग, माइनिंग में सुधार

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मैन्युफैक्चरिंग और पावर सेक्टर की कमजोरी, पश्चिम एशिया संकट का असर

Last Updated- April 28, 2026 | 5:14 PM IST
IIP Data April 2026
Representational Image

भारत में औद्योगिक उत्पादन की ग्रोथ मार्च में घटकर 5 महीने के निचले स्तर 4.1% पर आ गई। इसकी मुख्य वजह पश्चिम एशिया संकट के बीच मैन्युफैक्चरिंग और पावर सेक्टर का कमजोर प्रदर्शन रहा। यह जानकारी मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से मिली। फैक्ट्री आउटपुट, जिसे इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) के आधार पर मापा जाता है, मार्च 2025 में 3.9% बढ़ा था।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने फरवरी 2026 के औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के आंकड़े को संशोधित कर 5.1% कर दिया है, जो पहले जारी अस्थायी अनुमान 5.2% था। इससे पहले IIP वृद्धि का निचला स्तर अक्टूबर 2025 में 0.5% दर्ज किया गया था।

मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 4.3% रही

NSO की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 4.3% रही, जो पिछले साल इसी महीने के 4% के मुकाबले मामूली बढ़त दर्शाती है, लेकिन कुल मिलाकर प्रदर्शन सुस्त रहा।

माइनिंग सेक्टर में सुधार देखा गया, जहां उत्पादन वृद्धि 5.5% रही, जबकि पिछले साल यह केवल 1.2% थी। वहीं, पावर सेक्टर की वृद्धि दर मार्च में घटकर केवल 0.8% रह गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 7.5% थी। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो देश की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि लगभग स्थिर रही और 4.1% दर्ज की गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 4% थी।

विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में संकट के कारण सप्लाई चेन और ऊर्जा लागत पर असर पड़ा है जिससे औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार प्रभावित हुई है।

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First Published - April 28, 2026 | 4:53 PM IST

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