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जुलाई 2025 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 3.5% बढ़ा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना प्रमुख आधार

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जुलाई 2025 के IIP त्वरित अनुमान 89.5% रिस्पॉन्स दर पर आधारित हैं। जून 2025 के आंकड़ों को 93.1% रिस्पॉन्स दर के साथ अंतिम रूप दिया गया

Last Updated- August 28, 2025 | 5:05 PM IST
IIP Data

भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) ने जुलाई 2025 में 3.5% की सालाना वृद्धि दर्ज की है। यह बढ़त मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 5.4% की मजबूती के कारण दर्ज की गई है। जून 2025 में यह वृद्धि दर 1.5% रही थी। भारत सरकार द्वारा 28 अगस्त 2025 को जारी आंकड़ों के अनुसार, IIP का त्वरित अनुमान (Quick Estimate) जुलाई 2025 में 155.0 रहा, जो कि जुलाई 2024 के 149.8 के मुकाबले अधिक है। Ministry of Statistics & Programme Implementation प्रवक्ता ने बताया कि जुलाई 2025 के IIP त्वरित अनुमान 89.5% रिस्पॉन्स दर पर आधारित हैं। जून 2025 के आंकड़ों को 93.1% रिस्पॉन्स दर के साथ अंतिम रूप दिया गया। अगस्त 2025 के IIP आंकड़े 29 सितंबर 2025 (सोमवार) को जारी किए जाएंगे।

  • खनन क्षेत्र में जुलाई 2025 में (-)7.2% की गिरावट दर्ज की गई। 
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 5.4% की वृद्धि हुई।
  • बिजली उत्पादन में 0.6% की मामूली वृद्धि हुई।

Also Read: निर्यातकों को राहत देने के लिए “एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन” की प्रक्रिया तेज कर रही है भारत सरकार’

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में किन उद्योगों ने दिखाई मजबूती:

NIC-2 अंकों के अनुसार 23 उद्योग समूहों में से 14 ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। मुख्य योगदान देने वाले उद्योग समूह रहे:

  1. बेसिक मेटल्स का निर्माण – 12.7% वृद्धि
  2. इलेक्ट्रिकल उपकरणों का निर्माण – 15.9% वृद्धि
  3. अन्य गैर-धातु खनिज उत्पादों का निर्माण – 9.5% वृद्धि

उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार प्रदर्शन:

  • प्राथमिक वस्तुएं: -1.7%
  • पूंजीगत वस्तुएं: +5.0%
  • मध्यवर्ती वस्तुएं: +5.8%
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर/निर्माण वस्तुएं: +11.9%
  • उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं: +7.7%
  • उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुएं: +0.5%

सबसे अधिक योगदान देने वाले उपयोग वर्ग:

  1. इन्फ्रास्ट्रक्चर / निर्माण वस्तुएं
  2. मध्यवर्ती वस्तुएं
  3. उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं  

यह रिपोर्ट भारतीय औद्योगिक गतिविधियों में संतुलित सुधार को दर्शाती है, जहां मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मजबूती ने अन्य कमजोर क्षेत्रों के प्रभाव को संतुलित किया है। सरकार और उद्योग दोनों के लिए यह संकेत है कि औद्योगिक सुधार जारी है, हालांकि खनन जैसे क्षेत्रों में अभी और प्रयासों की जरूरत है।

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First Published - August 28, 2025 | 5:00 PM IST

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