देश में खुदरा महंगाई अप्रैल 2026 में हल्की बढ़ोतरी के साथ 3.5 प्रतिशत पर पहुंच गई। मार्च में यह 3.4 प्रतिशत थी। हालांकि महंगाई में यह बढ़त बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन खाने-पीने की चीजों और रेस्टोरेंट सेवाओं की कीमतों में तेजी का असर साफ देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल महंगाई नियंत्रण में बनी हुई है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, पश्चिम एशिया तनाव और कमजोर मानसून जैसी चुनौतियां आने वाले महीनों में दबाव बढ़ा सकती हैं। ब्रोकरेज फर्म नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में फूड इन्फ्लेशन बढ़कर 4 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 3.7 प्रतिशत थी। खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से हेडलाइन महंगाई में भी हल्का उछाल देखने को मिला।
रिपोर्ट के अनुसार एलपीजी की कमी और सप्लाई में बाधा का असर रेस्टोरेंट सेवाओं पर भी पड़ा। अप्रैल में रेस्टोरेंट सेवाओं की महंगाई बढ़कर 4.2 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि मार्च में यह 2.9 प्रतिशत थी। इसके अलावा कोयला और वैकल्पिक ईंधन की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। कोयला महंगाई बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई, जो मार्च में 4.3 प्रतिशत थी। हालांकि पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी हद तक स्थिर रहीं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर तत्काल ज्यादा असर नहीं पड़ा।
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खाद्य और ईंधन को छोड़कर कोर इन्फ्लेशन अप्रैल में 3.4 प्रतिशत पर स्थिर रही। कपड़े, किराया, हेल्थकेयर, शिक्षा और ट्रांसपोर्ट जैसी श्रेणियों में कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया। वहीं सोना और चांदी की कीमतों में कुछ नरमी दर्ज की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि सुपर-कोर इन्फ्लेशन भी 2.2 प्रतिशत पर बनी रही, जिससे संकेत मिलता है कि मांग आधारित महंगाई फिलहाल बहुत ज्यादा मजबूत नहीं हुई है।
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आने वाले महीनों में महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ईरान युद्ध, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और सप्लाई चेन में बाधाएं आने वाले समय में दबाव बढ़ा सकती हैं। फिलहाल कच्चे तेल की कीमतें युद्ध से पहले के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत ऊपर बनी हुई हैं। इसके अलावा मौसम विभाग (IMD) की सामान्य से कमजोर मानसून की आशंका भी खाद्य महंगाई को बढ़ा सकती है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने FY27 के लिए खुदरा महंगाई 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। वहीं कोर इन्फ्लेशन 4.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल महंगाई RBI की तय सीमा के भीतर रहने की संभावना है, लेकिन आने वाले महीनों में जोखिम बढ़ सकते हैं।