facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Rice Export: प्रतिबंधों के बावजूद 2024 में भारत का चावल निर्यात स्थिर, बासमती में रिकॉर्ड वृद्धि

Advertisement

2024 में भारत ने 178 लाख टन चावल का निर्यात किया। बासमती निर्यात 16.3% बढ़ा, जबकि गैर-बासमती में 6.9% की गिरावट। सऊदी अरब, इराक और यूएई ने प्रीमियम बासमती की मांग बढ़ाई।

Last Updated- January 22, 2025 | 11:20 PM IST
Rice export

प्रतिबंधों के बावजूद 2024 में भारत का चावल निर्यात स्थिर रहा है। सरकार और उद्योग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि प्रीमियम बासमती चावल का रिकॉर्ड निर्यात हुआ है, जिसकी वजह से गैर बासमती चावल की विदेश में बिक्री में आई कमी की भरपाई हो गई है। विश्व के सबसे बड़े चावल निर्यातक भारत से निर्यात जारी रहने से चावल की वैश्विक कीमतें कम करने में मदद मिल सकती है और इससे अत्यधिक उत्पादन के बाद भारत को अपना स्टॉक घटाने में मदद मिलेगी।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘प्रतिबंध हटाए जाने के बाद दिसंबर तिमाही में निर्यात बढ़ा है और इससे इस साल की पहली छमाही में आई गिरावट की भरपाई हो गई है।’ अधिकारी ने अपना नाम उजागर नहीं करने का अनुरोध किया क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं है।

सितंबर और अक्टूबर 2024 में भारत करीब सभी प्रतिबंध खत्म कर दिए, जो गैर बासमती और प्रीमियम बासमती के निर्यात पर जुलाई और अगस्त 2023 में लगाए गए थे। अधिकारी ने कहा कि 2024 में देश का चावल निर्यात 178 लाख टन रहा है, जो एक साल पहले के 178.6 लाख टन की तुलना में थोड़ा कम है।

2024 में बासमती चावल का निर्यात 16.3 प्रतिशत बढ़कर 57 लाख टन हो गया है, क्योंकि सऊदी अरब, ईराक और संयुक्त अरब अमीरात ने कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद खरीद बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि गैर बासमती चावल का निर्यात 6.9 प्रतिशत कम होकर 121 लाख टन हो गया है। दाम अधिक होने के कारण बांग्लादेश, कैमरून, जिबूती और जांबिया ने खरीद घटा दी।

भारत के बाद सबसे ज्यादा चावल निर्यात थाईलैंड, वियतनाम, पाकिस्तान व अमेरिका करते हैं। मगर ये चारों मिलकर भी भारत जितना चावल निर्यात नहीं कर पाते हैं। कोलकाता के एक चावल निर्यातक ने कहा, ‘हम 2024 में चावल निर्यात में 20 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन दिसंबर तिमाही में भारी मांग ने हमें आश्चर्यचकित कर दिया। कुल मिलाकर 2024 में निर्यात स्थिर रहा और यह 2025 में आगे और बढ़ेगा।’

Advertisement
First Published - January 22, 2025 | 11:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement