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India’s services PMI: अप्रैल में सर्विस सेक्टर की सुस्त पड़ी रफ्तार, मगर अभी भी 14 साल के हाई पर बरकरार

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HSBC की रिपोर्ट में बताया गया कि मजबूत घरेलू और विदेशी मांग की वजह से बिजनेस कॉन्फिडेंस लेवल तीन महीने के हाई पर पहुंच गया।

Last Updated- May 06, 2024 | 12:28 PM IST
Services PMI

India’s services PMI in April 2024: सर्विस सेक्टर की रफ्तार मार्च के मुकाबले अप्रैल 2024 में थोड़ी नरम पड़ गई है। आज यानी सोमवार को S&P Global की तरफ से कंपाइल्ड HSBC की रिपोर्ट में बताया गया कि ‘इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स’ मार्च के 61.2 से गिरकर अप्रैल में 60.8 पर आ गया। हालांकि, अनुमान जताया गया था कि अप्रैल में सर्विस पीएमआई 61.7 तक बढ़ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

रिपोर्ट में बताया गया कि मजबूत घरेलू और विदेशी मांग की वजह से बिजनेस कॉन्फिडेंस लेवल तीन महीने के हाई पर पहुंच गया और इस वजह से परचेंजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) पर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला।

तकरीबन 14 साल के हाई पर

सर्विस पीएमआई में भले ही गिरावट देखने को मिली, लेकिन आंकड़ों से पता चलता है कि यह अभी भी पिछले 14 सालों में दूसरी सबसे बडी ग्रोथ है।

सर्विस पीएमआई लगातार 33वें महीने यानी अगस्त 2021 से 50 के स्तर के ऊपर टिका हुआ है। जो इस बात को दर्शाता है कि सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में विस्तार लगातार जारी है। पीएमआई की भाषा में 50 से ऊपर अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार (expansion) से और 50 से कम अंक का आशय संकुचन (contraction) से होता है।

हाल ही में आए मैन्युफैक्चरिंग डेटा में भी मांग में मजबूती की वजह से ग्रोथ पर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला था। इसी तरह ही अनुकूल बाजार और तेज मांग ने सर्विस पीएमआई न्यू बिजनेस सब-इंडेक्स को तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया, जो लगभग 14 सालों में तीसरा सबसे अधिक आंकड़ा है।

मैन्युफैक्चरिंग PMI में भी देखी गई कुछ गिरावट

अप्रैल में भारत के मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ के आंकड़े में कुछ गिरावट आई लेकिन मांग कायम रहने का संकेत मिला। HSBC की रिपोर्ट में 2 मई को बताया गया कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बीते साढ़े तीन वर्ष का दूसरा सबसे अच्छा सुधार हुआ।

HSBC की तरफ से जारी भारत का पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अप्रैल में गिरकर 58.8 पर आ गया था जबकि यह मार्च में 16 वर्ष के उच्च स्तर 59.1 पर था। इस इंडेक्स में 50 से ऊपर का स्तर वृद्धि को बताता है और इससे कम गिरावट का संकेतक है।

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First Published - May 6, 2024 | 11:38 AM IST

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