facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

जुलाई में भारत का सेवा क्षेत्र पहुंचा 11 महीने के उच्च स्तर पर, PMI रिपोर्ट में दिखा मजबूत सुधार

Advertisement

जुलाई में भारत के सेवा क्षेत्र ने अंतरराष्ट्रीय मांग और नए ऑर्डर के बल पर 11 महीने की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की, जिससे पीएमआई सूचकांक 60.5 तक पहुंच गया।

Last Updated- August 05, 2025 | 10:11 PM IST
Service sector
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत के सेवा निर्यातकों ने दूसरी तिमाही में मजबूती से कदम रखा है।  जुलाई महीने में उत्पादन और नए ऑर्डर में अगस्त 2024 के बाद सबसे तेज वृद्धि हुई है। एक निजी सर्वे में मंगलवार को कहा गया कि सेवा क्षेत्र को मांग, अंतरराष्ट्रीय बिक्री और उत्पादन से बल मिला है। 

एसऐंडपी ग्लोबल द्वारा तैयार किया गया एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जुलाई में 60.5 पर रहा, जो जून में 60.4 पर था।  यह सूचकांक पिछले 4 साल से लगातार 50 के तटस्थ  स्तर से ऊपर है।

सर्वे में कहा गया है, ‘सर्वे में शामिल लोगों ने कहा कि नए कारोबार में सतत वृद्धि से उत्पादन बढ़ा है।  उनके मुताबिक विज्ञापन, मांग में तेजी और नए ग्राहकों के कारण नए ऑर्डर में तेजी आई। जुलाई की तेजी अधिक थी और यह एक साल की दूसरी सबसे बड़ी तेजी है।’ सर्वे में कहा गया है कि विदेश में मांग, खासकर एशिया, कनाडा, यूरोप, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका से मांग सुधरी है। विदेश में बिक्री के प्रसार की दर तेज थी और साल में दूसरी सबसे बड़ी तेजी दर्ज की गई है। 

एचएसबीसी में चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा कि सेवा पीएमआई से मजबूत वृद्धि के संकेत मिलते हैं, जिसमें मुख्य भूमिका नए  निर्यात ऑर्डर की रही है।

उन्होंने आगे कहा, ‘भविष्य को लेकर उम्मीद बढ़ी है। हालांकि वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही से नीचे बनी हुई है।  कीमतों के मोर्चे पर देखें तो इनपुट और आउटपुट दोनों की कीमतें जून की तुलना में थोड़ी तेजी से बढ़ी हैं।  आगे चलकर इसमें बदलाव हो सकता है, जैसा कि हालिया सीपीआई और डब्ल्यूपीआई आंकड़ों से संकेत मिलता है।’

सेक्टर के आंकड़ों से पता चलता है कि नए ऑर्डर और कारोबारी गतिविधियों के हिसाब से फाइनैंस और इंश्योरेंस सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्र रहे हैं।  वहीं रियल एस्टेट और कारोबारी सेवा में सबसे सुस्त वृद्धि दर्ज की गई है। 

Advertisement
First Published - August 5, 2025 | 10:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement