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त्योहारों के चलते अक्टूबर में IIP 0.4 फीसदी रहा, मैन्युफैक्चरिंग में तेजी; प्राइमरी गुड्स में सुस्ती

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एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दशहरा, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों की वजह से वर्किंग डेज कम रह गए, जिससे प्रोडक्शन पर ब्रेक लगा

Last Updated- December 01, 2025 | 4:48 PM IST
Banking Sectir
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

त्योहारी सीजन की वजह से इस बार अक्टूबर में फैक्ट्रियां कम दिन चलीं और इसका असर साफ दिख गया। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर 2025 में इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) सिर्फ 0.4 फीसदी ही बढ़ पाया। पिछले महीने यानी सितंबर में यह 4 फीसदी था, जबकि पिछले साल अक्टूबर में 3.5 फीसदी की ग्रोथ थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दशहरा, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों की वजह से वर्किंग डेज कम रह गए, जिससे प्रोडक्शन पर ब्रेक लगा।

Also Read: नवंबर में भारत का मैन्युफैक्चरिंग PMI फिसलकर 56.6 पर, US टैरिफ का दिखा असर

किस सेक्टर का कैसा रहा हाल?

सेक्टर्स के हिसाब से देखें तो कुछ ने अच्छा परफॉर्म किया, कुछ लड़खड़ा गए। इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन से जुड़े सामान की ग्रोथ सबसे तेज 7.1 फीसदी रही। कैपिटल गुड्स 2.4 फीसदी और इंटरमीडिएट गुड्स 0.9 फीसदी बढ़े। लेकिन प्राइमरी गुड्स में 0.6 फीसदी की गिरावट आई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.5 फीसदी नीचे रहे, जबकि कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स तो 4.4 फीसदी तक लुढ़क गए।

अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक की बात करें तो कुल इंडस्ट्रियल ग्रोथ 2.7 फीसदी रही। इसमें मैन्युफैक्चरिंग ने 3.9 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा योगदान दिया। बिजली प्रोडक्शन साल भर में लगभग ठप रहा, जबकि माइनिंग सेक्टर 1.9 फीसदी पीछे चला गया।

मैन्युफैक्चरिंग में 1.8 फीसदी की मामूली बढ़त दर्ज हुई। इसमें बेसिक मेटल्स ने 6.6 फीसदी, कोक और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स ने 6.2 फीसदी जबकि मोटर व्हीकल्स, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर ने 5.8 फीसदी की अच्छी छलांग लगाई।

बेसिक मेटल्स में हॉट रोल्ड कॉइल्स, माइल्ड स्टील शीट्स और फ्लैट अलॉय-स्टील प्रोडक्ट्स ने सबसे ज्यादा साथ दिया। पेट्रोलियम सेगमेंट में डीजल, पेट्रोल और हार्ड कोक ने रफ्तार बनाई रखी। गाड़ियों की बात करें तो पैसेंजर कार, कमर्शियल व्हीकल और ऑटो पार्ट्स की डिमांड ने अच्छा सपोर्ट दिया।

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First Published - December 1, 2025 | 4:35 PM IST

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