facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत में महंगाई ज्यादा

Advertisement

वैश्विक स्तर पर खाने की वस्तुओं के दाम दो साल के निम्न स्तर पर

Last Updated- September 13, 2023 | 11:33 PM IST
Retail Inflation

भारत सहित विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में हाल के महीनों के दौरान तेजी से गिरावट का रुझान शुरू हो गया है। बीते साल की तुलना में जर्मनी, यूके और यूएस में महंगाई में तेजी से गिरावट आने का दौर शुरू हो गया है। लेकिन भारत में महंगाई में सीमित गिरावट हुई है। भारत में हाल में बढ़ी महंगाई के आंकड़े तेजी से बढ़ते ब्रिक्स देशों के करीब हैं लेकिन यह आंकड़े भारत में अधिक हैं। विश्व के शीर्ष विकसित देशों सहित ब्रिक्स देशों की तुलना में भारत के आंकड़े अधिक हैं।

भारत के मुद्रास्फीति का आंकड़ा अगस्त में गिरकर 6.83 प्रतिशत आ गया जबकि यह जुलाई में 7.44 फीसदी था। मॉनसून की बारिश रुक जाने और फिर फसल खराब हो जाने के कारण जुलाई में सब्जियों के दाम बढ़ गए थे। सरकार ने बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए घरेलू प्राकृतिक गैस के दाम कम करने के साथ खाद्य वस्तुओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था।

संयुक्त राष्ट्र खाद्य व कृषि संगठन (एफएओ) के मूल्य सूचकांक के अनुसार अगस्त में वैश्विक स्तर पर खाद्य वस्तुओं के दाम दो वर्ष के निचले स्तर पर पहुंच गए थे। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद बीते साल मार्च में खाद्य उत्पादों के मूल्य दो साल के उच्च स्तर पर पहुंच गए थे। भारत ने चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद एफएओ का चावल सूचकांक 15 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। भारत के मुद्रास्फीति के आंकड़ों से अधिक 13 राज्यों के मुद्रास्फीति के आंकड़े थे।

Advertisement
First Published - September 13, 2023 | 11:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement