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अगले कुछ महीनों में महंगाई ऊंची रहेगी, सरकारी नीतियां इसे और बढ़ने से रोकेंगी: S&P

Inflation: विशिष्ट खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से CPI आधारित खुदरा महंगाई जुलाई में 15 महीने के उच्चस्तर 7.44 प्रतिशत पर पहुंच गई थी।

Last Updated- September 05, 2023 | 5:57 PM IST
RBI's warning on food inflation pressure, caution necessary in monetary policy फूड इंफ्लेशन के दबाव पर RBI की चेतावनी, मौद्रिक नीति में सतर्कता जरूरी

S&P ग्लोबल रेटिंग्स के अर्थशास्त्री (एशिया प्रशांत) विश्रुत राणा ने मंगलवार को कहा कि भारत में निकट भविष्य में महंगाई ऊंची रहने की आशंका है, लेकिन सरकारी नीतियां इसे और बढ़ने से रोकेंगी। विशिष्ट खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई जुलाई में 15 महीने के उच्चस्तर 7.44 प्रतिशत पर पहुंच गई थी।

भारत में मॉनसून बहुत कमजोर रहा- राणा

‘मंथली एशिया-पैसिफिक क्रेडिट फोकस’ वेबिनार में राणा ने कहा कि भारत में मॉनसून बहुत कमजोर रहा और बारिश सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम दर्ज की गई। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि यह अगले कुछ महीनों में भारत में अनाज की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।’’ त्योहारी सीजन से पहले स्थानीय बाजार में पर्याप्त भंडार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने पहले ही चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है और प्याज पर 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क लगाया है।

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आपूर्ति बहुत मजबूत बनी हुई है- राणा

राणा ने कहा, ‘‘आपूर्ति बहुत मजबूत बनी हुई है और सरकार जिंस, गेहूं और चावल की कीमतों में वृद्धि को रोकने के लिए कदम उठा सकती है। इससे खाद्य मंहगाई को थोड़ा कम रखने में मदद मिलेगी।’’ टमाटर की कीमतें जो जुलाई में आसमान छू गई थीं, अगस्त के अंत में कम होनी शुरू हो गईं। राणा ने कहा कि सब्जियों की बढ़ती कीमतें भी अब कम हो रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर भारत के लिए महंगाई का माहौल ऊर्जा की कीमतों पर निर्भर करेगा। खाद्य कीमतें ऊंची रहेंगी लेकिन सार्वजनिक नीतियों के कारण इनके अधिक बढ़ने की आशंका नहीं है। हमें उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में भारत के लिए समग्र मुद्रास्फीति ऊंची बनी रहेगी लेकिन यह इससे अधिक नहीं बढ़ेगी।’’

RBI को सतर्कता बढ़ाने की जरूरत

वित्त मंत्रालय ने पिछले महीने अपनी मासिक रिपोर्ट में कहा था कि खाद्य पदार्थों पर कीमत का दबाव अस्थायी रहने की उम्मीद है, लेकिन सरकार तथा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को बढ़े हुए मुद्रास्फीति दबाव से निपटने के लिए सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है।

First Published - September 5, 2023 | 5:57 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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