facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

तेल के दाम बढ़ने के जोखिम का प्रभाव कम: मुख्य आर्थिक सलाहकार

Advertisement

वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट दिसंबर 2023 के मुताबिक भारत के कच्चे तेल की बास्केट एक साल से अधिक वर्ष तक सुस्त रही थी।

Last Updated- December 28, 2023 | 10:45 PM IST
V Anantha Nageswaran

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वर के मुताबिक अगले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 25) में वैश्विक स्तर पर तेल बाजार में दाम बढ़ने की स्थिति में भारत के लिए बड़ा नकारात्मक जोखिम होने की उम्मीद नहीं है। वैश्विक तेल बाजार आर्थिक सुस्ती व भूराजनीतिक संघर्ष से भी प्रभावित हो सकता है।

वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में गिरावट होने से पहले आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती आएगी। लिहाजा मुझे नहीं लगता है कि ऊर्जा की मांग अधिक बढ़ेगी। ऐसे में 2024 में तेल के दामों में उछाल भी नहीं आएगा।

भूराजनीतिक स्थितियां और लाल सागर में कार्गो के आने जाने के दौरान होने वाली घटनाओं का असर पड़ेगा। इससे मांग में गिरावट की चुनौती और बढ़ेगी। नागेश्वर ने भारत के बैंकिंग और इकनॉमिक कॉन्क्लेव में कहा कि यदि महंगाई बढ़ती है तो आर्थिक गतिविधियां और सुस्त होंगी।

वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट दिसंबर 2023 के मुताबिक भारत के कच्चे तेल की बास्केट एक साल से अधिक वर्ष तक सुस्त रही थी।

Advertisement
First Published - December 28, 2023 | 10:45 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement