पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर आ रहा एक बड़ा टैंकर ‘एमटी सर्व शक्ति’ सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को पार कर चुका है। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मार्शल द्वीप के झंडे वाला यह जहाज अब भारत की ओर बढ़ रहा है।
करीब 46,313 टन LPG से लदा यह टैंकर 13 मई को विशाखापत्तनम बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है। इस जहाज पर कुल 20 क्रू मेंबर्स सवार हैं, जिनमें से 18 भारतीय मूल के हैं। शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, रविवार शाम को जहाज की लोकेशन ओमान की खाड़ी में देखी गई। इस कार्गो में इतनी गैस है जो देश की आधे दिन की जरूरत को पूरा कर सकती है। पिछले दो महीनों से जारी युद्ध और सप्लाई की दिक्कतों के बीच यह खेप भारत के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) द्वारा चार्टर किया गया यह ‘वेरी लार्ज गैस कैरियर’ (VLGC) पहले भी फारस की खाड़ी और भारतीय बंदरगाहों के बीच चक्कर लगा चुका है। लेकिन इस बार की यात्रा खास है, क्योंकि ईरान से जुड़े जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी के बाद यह हॉर्मुज के ‘वॉर जोन’ को पार करने वाला पहला भारत-लिंक्ड टैंकर बन गया है।
फिलहाल हॉर्मुज के पश्चिमी हिस्से में भारत के 14 जहाज फंसे हुए हैं। राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। जहाजरानी मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर समुद्री हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि जहाजों का परिचालन बाधित न हो।
डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम भी पूरी सक्रियता से काम कर रहा है। अब तक 8,300 से अधिक कॉल और लगभग 18,000 ईमेल हैंडल किए जा चुके हैं। भारत ने अब तक खाड़ी क्षेत्र से 2,953 नाविकों की सुरक्षित घर वापसी भी कराई है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान चुनौतियों के बावजूद देश के सभी बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य है और कहीं भी जाम की स्थिति नहीं है।