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FY25 में कैपिटल मार्केट से 14.27 लाख करोड़ रुपये जुटाए जाने का अनुमान: माधवी पुरी बुच

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SEBI प्रमुख माधवी पुरी बुच ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2024-25 के पिछले नौ महीनों में संस्थाओं ने शेयर से 3.3 लाख करोड़ रुपये और ऋण बाजारों से 7.3 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं।

Last Updated- January 10, 2025 | 1:04 PM IST
Madhabi Puri Buch
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच | फाइल फोटो

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने शुक्रवार को कहा कि शेयर और ऋण साधनों सहित पूंजी बाजारों से जुटाई गई कुल राशि के चालू वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 21 प्रतिशत बढ़कर 14.27 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह वित्त वर्ष 2023-24 में 11.8 लाख करोड़ रुपये थी।

बुच ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2024-25 के पिछले नौ महीनों में संस्थाओं ने शेयर से 3.3 लाख करोड़ रुपये और ऋण बाजारों से 7.3 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिससे कुल जुटाई गई राशि 10.7 लाख करोड़ रुपये हो गई।

बुच ने यहां NISM द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में कहा, ‘‘यदि हम चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के लिए अनुमान लगाएं, तो संभवतः वर्ष के दौरान शेयर तथा ऋण दोनों के रूप में पूंजी के रूप में 14 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाए जाएंगे।’’ बुच ने कार्यक्रम में एक प्रस्तुति पेश की जिसमें वित्त वर्ष 2024-25 में जुटाई गई राशि का अनुमान 14.27 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।

सेबी प्रमुख ने कहा कि रियल एस्टेट निवेश ट्रस्टों, बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्टों और म्युनिसिपल बॉण्डों द्वारा जुटाई गई धनराशि का वित्त वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों में जुटाई गई कुल पूंजी में बेहद कम योगदान रहा। यह करीब 10,000 करोड़ रुपये है, लेकिन अगले दशक में इसके शेयर तथा ऋण बाजारों से जुटाई गई धनराशि से भी अधिक होने की संभावना है।

बुच ने कहा कि पूंजी बाजार नियामक निर्गमों के निपटान में लगने वाले समय को कम करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने लघु एवं मझोले उद्यमों (SME) के बोर्ड प्रस्तावों के निपटान में लगने वाले समय को कम करने की भी प्रतिबद्धता जतायी। उन्होंने कहा कि नियामक ने निर्गमों में तेजी लाने के लिए एक प्रणाली बनाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उद्योग भी इसे अपनाएगा। सेबी प्रमुख ने कहा कि नियामक म्यूचुअल फंडों के नए प्रस्तावों को काफी तेजी से मंजूरी दे रहा है। साथ ही 250 रुपये की न्यूनतम राशि के साथ व्यवस्थित निवेश योजनाएं (SIP) जल्द ही शुरू की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि सेबी को विभिन्न पहलुओं पर बहुत तेजी से आगे बढ़ने के लिए कुछ क्षेत्रों से आलोचना का सामना करना पड़ता है, लेकिन यदि हमें विकास के मोर्चे पर अपनी आकांक्षाओं को पूरा करना है तो यह गति आवश्यक है।

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First Published - January 10, 2025 | 1:04 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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