facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

नए टैक्‍स रिजीम से मिडिल क्लास को होगा फायदाः FM सीतारमण

Advertisement
Last Updated- February 11, 2023 | 2:29 PM IST
Nirmala Sitharaman

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि नई कर प्रणाली से मध्य वर्ग को फायदा होगा क्योंकि इस व्यवस्था को अपनाने से करदाताओं के हाथ में अधिक पैसा बचा रहेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निदेशक मंडल की बजट-पश्चात बैठक को संबोधित करने के बाद सीतारमण ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकारी योजनाओं के जरिये लोगों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी नहीं है। इसकी जगह पर लोगों को अपने निवेश के बारे में व्यक्तिगत स्तर पर निर्णय लेने का मौका दिया जाना चाहिए।

सीतारमण ने गत एक फरवरी को वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करते हुए नई कर प्रणाली को अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई घोषणाएं की थीं। इसमें सात लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई कर नहीं लगाने की घोषणा सबसे अहम है।

उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो हफ्ते से अदाणी समूह के शेयरों में जारी उठापटक के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा, “भारतीय नियामक बहुत अनुभवी हैं और वे अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। नियामकों को इस मसले की जानकारी है और वे हमेशा ही अपने काम को लेकर सजग रहते हैं।”

क्रिप्टो मुद्राओं के नियमन के संदर्भ में वित्त मंत्री ने कहा कि इसके लिए एक साझा प्रारूप तैयार करने के बारे में जी20 देशों के साथ चर्चा चल रही है। इस मौके पर आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति के अगले वित्त वर्ष (2023-24) में करीब 5.3 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है और कच्चे तेल की कीमतें कम होने पर इसमें और भी गिरावट आ सकती है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए मुद्रास्फीति का आकलन कच्चा तेल के 95 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहने की संभावना के आधार पर किया गया है। बैंकों की तरफ से दिए जाने वाले कर्जों की दर पर आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बाजार प्रतिस्पर्द्धा उधारी एवं जमा की दरों को तय करेगी।

Advertisement
First Published - February 11, 2023 | 2:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement