मूडीज रेटिंग ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत का वृद्धि अनुमान 6.8 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया है। एजेंसी ने पश्चिम एशिया युद्ध के कारण ईंधन की लागत बढ़ने, इनपुट लागत में वृद्धि, खपत में सुस्ती व औद्योगिक गतिविधियां सुस्त होने का हवाला देते हुए भारत का वृद्धि अनुमान घटाया है।
मूडीज ने ‘पश्चिम एशिया संघर्ष – भारत : ऊर्जा संकट से बाहरी, महंगाई और क्षेत्रीय जोखिमों को बढ़ावा’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा है, ‘पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष से भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को देखते हुए हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि घटकर 6 प्रतिशत रह जाएगी। यह पहले के 6.8 प्रतिशत के अनुमान से कम है। इसकी मुख्य वजह ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतें और इनपुट लागत में बढ़ोतरी के बीच निजी उपभोग में कमी और औद्योगिक गतिविधियों का धीमा पड़ना है।’
रिपोर्ट के अनुसार खासकर होर्मुज स्ट्रेट से ऊर्जा आपूर्ति में रुकावटों के कारण तेल और गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे भारत का आयात बिल बढ़ गया है और उसका व्यापार घाटा और ज्यादा हो गया है। कच्चे तेल, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के एक प्रमुख आयातक के तौर पर भारत लगातार बढ़ती कीमतों के दबाव के प्रति संवेदनशील बना हुआ है।