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MSP ने 2023-24 में उत्पादन लागत पर 50% का न्यूनतम मुनाफा सुनिश्चित किया: RBI

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RBI: समग्र एसडब्ल्यूएम वर्षा 2023 (जून-सितंबर) में अखिल भारतीय स्तर पर दीर्घावधि औसत (एलपीए) से छह प्रतिशत कम हुई।

Last Updated- May 30, 2024 | 12:49 PM IST
RBI
Representative Image

वित्त वर्ष 2023-24 के खरीफ और रबी दोनों मौसम में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ने सभी फसलों के लिए उत्पादन लागत पर न्यूनतम 50 प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की गुरुवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया कि 31 मार्च 2024 तक खाद्यान्नों का समग्र सार्वजनिक भंडारण कुल तिमाही भंडारण मानक का 2.9 गुना था। सरकार ने 29 नवंबर 2023 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत खाद्यान्न के मुफ्त वितरण की योजना को एक जनवरी 2024 से पांच और वर्षों के लिए बढ़ा दिया था।

रिपोर्ट में कहा कि असमान तथा कम दक्षिण-पश्चिम मानसून (एसडब्ल्यूएम) वर्षा के साथ ही अल नीनो की स्थिति के मजबूत होने से कृषि और संबद्ध गतिविधियों को प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

समग्र एसडब्ल्यूएम वर्षा 2023 (जून-सितंबर) में अखिल भारतीय स्तर पर दीर्घावधि औसत (एलपीए) से छह प्रतिशत कम हुई। दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, 2023-24 में खरीफ और रबी खाद्यान्न का उत्पादन पिछले वर्ष के अंतिम अनुमानों से 1.3 प्रतिशत कम था।

रिपोर्ट में कहा गया कि उत्पादकता में वृद्धि से मोटे अनाज के उत्पादन को लाभ हो सकता है। वित्त वर्ष 2023-24 में खरीफ फसलों के लिए एमएसपी में 5.3-10.4 प्रतिशत और रबी फसलों के लिए 2.0-7.1 प्रतिशत की वृद्धि की गई।

खरीफ फसलों में मूंग के एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई, जबकि रबी फसलों में मसूर तथा गेहूं के एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि हुई।

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First Published - May 30, 2024 | 12:32 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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