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NRI निवेश में बड़ी गिरावट: अप्रैल-जनवरी के दौरान प्रवासी भारतीयों की जमा राशि 25% से ज्यादा घटी

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अप्रैल-जनवरी 2026 की अवधि के दौरान एफसीएनआर (बैंक) या एफसीएनआर (बी) जमा प्रवाह पिछले वर्ष की इसी अवधि के 7.02 अरब डॉलर की तुलना में घटकर 0.94 अरब डॉलर रह गया

Last Updated- March 23, 2026 | 10:35 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

अप्रैल-जनवरी, 2026 के दौरान प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की जमा योजनाओं में विदेश से भारत आने वाले धन बीते साल की अवधि की तुलना में 25.86 प्रतिशत गिरकर 10.61 अरब डॉलर हो गया जबकि यह वर्ष 2025 की इस अवधि में 14.31 अरब डॉलर था। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों में दी गई।

जनवरी, 2026 के अंत तक कुल बकाया एनआरआई जमा राशि 165.78 अरब डॉलर थी। जनवरी, 2025 में बकाया एनआरआई जमा राशि 161.21 अरब डॉलर और दिसंबर, 2025 में 169.27 अरब डॉलर थी। एनआरआई  जमा योजनाओं में विदेशी मुद्रा अनिवासी (एफसीएनआर) जमा, अनिवासी बाह्य (एनआरई) जमा और अनिवासी साधारण (एनआरओ) जमा राशि शामिल हैं। अप्रैल-जनवरी 2026 की अवधि के दौरान एफसीएनआर (बैंक) या एफसीएनआर (बी) जमा प्रवाह पिछले वर्ष की इसी अवधि के 7.02 अरब डॉलर की तुलना में घटकर 0.94 अरब डॉलर रह गया।

जनवरी में एफसीएनआर (बी) खातों में बकाया राशि बढ़कर 33.75 अरब डॉलर हो गई। एफसीएनआर (बी) खाता ग्राहकों को भारत में स्वतंत्र रूप से परिवर्तनीय विदेशी मुद्राओं में एक से पांच वर्ष की अवधि के लिए सावधि जमा रखने की सुविधा देता है। दरअसल, खाता विदेशी मुद्रा में रखा जाता है।  इसलिए यह जमा की अवधि के दौरान मुद्रा के उतार-चढ़ाव से निधियों को सुरक्षित रखता है। जनवरी 2025 में बकाया राशि 32.75 अरब डॉलर थी।

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First Published - March 23, 2026 | 10:35 PM IST

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