भारतीय रिजर्व बैंक की उदारीकृत धनप्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत फरवरी में विदेश भेजे गए धन में दो अंकों की मजबूत वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2026 में पहली बार ऐसा हुआ है। फरवरी 2026 में सालाना आधार पर धनप्रेषण 19.06 प्रतिशत बढ़कर 2.34 अरब डॉलर हो गया है, जिसे सभी सेग्मेंट में मजबूत वृद्धि से बल मिला है।
पिछले साल फरवरी में इस योजना के तहत धनप्रेषण 1.96 अरब डॉलर था। कुल धनप्रेषण में 55 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर भारतीयों का खर्च सालाना आधार पर 19.8 प्रतिशत बढ़कर 1.31 अरब डॉलर हो गया, जो फरवरी 2025 में 1.09 अरब डॉलर था।
फरवरी 2026 में सालाना आधार पर जमा 10.24 प्रतिशत बढ़कर 5.69 करोड़ डॉलर हो गया। अचल संपत्ति की खरीद पर व्यय सालाना आधार पर 78.6 प्रतिशत 5.136 करोड़ डॉलर हो गया है। इक्विटी में निवेश से जुड़ा धनप्रेषण 53.01 प्रतिशत बढ़कर 26.599 करोड़ डॉलर हो गया। विदेश में रह रहे निकट संबंधियों पर व्यय सालाना आधार पर 13.27 प्रतिशत बढ़कर 26.618 करोड़ रुपये, जबकि उपहार पर व्यय सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 20.209 करोड़ डॉलर हो गया है।