भले ही विश्व की ज्यादातर संस्थाओं ने भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर एक अंक में कर दिया है, वित्त मंत्रालय को भरोसा है कि चालू वित्त वर्ष में दो अंकों की वृद्धि दर हासिल हो जाएगी। प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘हमारा शुरुआती अनुमान अन्य संस्थानों के विपरीत […]
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अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 300 आधार अंक घटाकर 9.5 प्रतिशत कर दिया है। इसके पहले अप्रैल में 12.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था। वहीं एजेंसी ने वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6 प्रतिशत बरकरार रखा है। आईएमएफ में मुख्य अर्थशास्त्री […]
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कोविड-19 के नए मामलों में पिछले हफ्ते हल्की तेजी आने के बाद आर्थिक गतिविधियों के साप्ताहिक संकेतकों में लगातार दूसरे सप्ताह भी नरमी दिख रही है। बिजली उत्पादन पिछले हफ्ते और अधिक कम होकर 2019 के समान हफ्ते के स्तर से भी नीचे चला गया। रेलवे के माल ढुलाई आंकड़ों के साथ भी ऐसा ही […]
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देश का क्विक कॉमर्स बाजार बढ़कर अगले पांच वर्ष में 10 से 15 गुना होने के आसार हैं। परामर्श कंपनी रेडसीर की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक 2025 तक देश में यह बाजार 5 अरब डॉलर का हो जाएगा। क्विक कॉमर्स सेवा में एक सामान्य आपूर्ति शुल्क पर 45 मिनट के अंदर उपभोज्य वस्तुओं की […]
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वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारी विभागों और मंत्रालयों को अभी चल रही केंद्र प्रायोजित योजनाओं तथा केंद्रीय योजनाओं का पुनर्मूल्यांकन करने और उन्हें अगले पांच साल के लिए नए सिरे से तैयार करने का निर्देश दिया है। सभी को इस बारे में अपने प्रस्ताव 31 जुलाई तक वित्त मंत्रालय के पास भेजने हैं। इस कवायद […]
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हाल के महीनों में कमजोर हुई देश की आर्थिक बहाली को आगे और भी झटका लगने की आशंका है। रॉयटर्स की ओर से अर्थशास्त्रियों से कराई गई रायशुमारी से पता चलता है कि कोरोनावायरस की नई किस्म और महंगाई बढऩे से अर्थव्यवस्था पर खतरा बढ़ गया है। ताजा सर्वेक्षण के परिणामों से पता चलता है […]
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कोरोनावायरस संक्रमण के मामले फिर बढऩे से महामारी की तीसरी लहर आने की आशंका और तेज हो रही है। ऐसे में आर्थिक गतिविधियों के साप्ताहिक संकेतकों की रफ्तार धीमी हुई है। साल 2019 की तुलना में बिजली उत्पादन में बढ़त दिख रही है लेकिन साप्ताहिक आधार पर मांग कम हुई है। रेलवे के माल ढुलाई […]
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भारतीय रुपये के कारोबार को कम उतार-चढ़ाव वाला और स्थिर बनाए रखने में दो विपरीत ताकतें काम कर रही हैं। मुद्रा पर नजर रखने वालों का कहना है कि यह स्थिति कुछ और वक्त तक बनी रह सकती है। जोमैटो के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में विदेशी मुद्रा लगाई गई और अब बड़ी कंपनियों के […]
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भारत में 150 साल पहले ब्रिटिश शासनकाल के दौरान महाराष्ट्र के पश्चिमी क्षेत्र के बड़े किसानों ने कर्ज की अनुचित परिपाटी को लेकर आंदोलन किया था और सबकी पहुंच वाले (समावेशी) वित्त संरचना की मांग की थी। लोगों के मुताबिक सहकारिता आंदोलन के बीज यहीं बोए गए। आज देश भर में 8 लाख से अधिक […]
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कोविड-19 महामारी ने भारतीयों के उपभोग के ढर्रे पर भी असर डाला है। इस महामारी के दौरान कई वस्तुओं का आयात बढ़ गया तो कुछ वस्तुओं का इस्तेमाल अचानक कम हो गया। पिछले वित्त वर्ष के दौरान विटामिन सी की दवाएं, थर्मामीटर से लेकर साइकिल और लैपटॉप से लेकर वजन मापने वाली मशीनों की मांग […]
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