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क्या पेट्रोल-डीजल की कीमत में लगेगी आग? रिपोर्ट में दावा: बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों की वजह से सरकारी तेल कंपनियों का घाटा लगातार बढ़ रहा है, जिसे अब कीमतों में बढ़ोतरी का आशंका तेज हो गई है

Last Updated- May 01, 2026 | 6:23 PM IST
Petrol pump
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर आम जनता के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। सरकारी सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में ईंधन के दामों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। दरअसल, पिछले चार सालों से खुदरा कीमतों पर लगी रोक और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों की वजह से सरकारी तेल कंपनियों का घाटा लगातार बढ़ रहा है, जिसे अब और संभालना मुश्किल हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हफ्ते कच्चे तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जो पिछले चार साल का सबसे उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाद में कीमतों में थोड़ी नरमी आई, लेकिन यह अब भी 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में आए इस उछाल की बड़ी वजह ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) से होने वाले व्यापार में रुकावट और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता रुकी हुई है और दोनों देशों के बीच जारी जुबानी जंग ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

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कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

सरकारी तेल कंपनियों की हालत इस समय काफी नाजुक बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, तेल कंपनियां इस समय पेट्रोल पर करीब 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर का घाटा उठा रही हैं। कच्चे तेल की कीमतें पिछले साल 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो इस महीने औसतन 114 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा रहीं। गौरतलब है कि भारत में अप्रैल 2022 से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जब कच्चे तेल की कीमतें गिरी थीं, तब कंपनियों ने मुनाफा कमाकर पिछले घाटे की भरपाई की थी, लेकिन अब बढ़ती कीमतों के बोझ ने उनकी कमर तोड़ दी है।

बाजार विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के खत्म होते ही तेल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। तेल कंपनियों ने पहले ही कमर्शियल LPG, इंडस्ट्रियल डीजल और हवाई ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं, लेकिन घरेलू गैस और आम जनता के इस्तेमाल वाले पेट्रोल-डीजल को अब तक राहत दी गई थी।

हालांकि, सरकारी सूत्रों की मानें तो अब इस राहत को लंबे समय तक जारी रखना मुमकिन नहीं लग रहा है। फरवरी में ईरान और इजरायल के बीच शुरू हुए टकराव ने वैश्विक तेल सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ना तय माना जा रहा है। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

(PTI के इनपुट के साथ)

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First Published - May 1, 2026 | 6:23 PM IST

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