केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में 10 रुपये की कटौती की और उसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावी राज्यों के अलावा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की जहां पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के प्रभावों से निपटने की उनकी तैयारी को लेकर चर्चा हुई।
जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं यानी केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम तथा केंद्रशासित प्रदेश पुदुच्चेरी आचार संहिता लागू होने के कारण इस बैठक में शामिल नहीं हो सके।
यह बैठक प्रधानमंत्री की कोविड-19 महामारी के दौरान मुख्यमंत्रियों के साथ हुई आभासी बैठकों की याद दिलाती है। संसद में इस सप्ताह की शुरुआत में दिए गए अपने वक्तव्यों में प्रधानमंत्री ने राज्यों से ‘टीम इंडिया’ की भावना में वर्तमान चुनौती का सामना करने की अपील की थी, जिसे उन्होंने शुक्रवार को मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में दोहराया। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की यह पहली बैठक थी।
एक संबद्ध घटनाक्रम में आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में एक अनौपचारिक मंत्री समूह गठित किया है जो पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण देश के सामने आने वाली चुनौतियों की निगरानी करेगा। केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी भी इस समूह के सदस्यों में शामिल हैं। इससे पहले इसी सप्ताह सरकार ने शीर्ष अधिकारियों वाले सात समूह बनाए थे ताकि तेल, उर्वरक और आपूर्ति श्रृंखला आदि क्षेत्रों पर प्रभाव से निपटा जा सके।
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शुक्रवार को मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक के अतिरिक्त कैबिनेट सचिवालय चुनावी राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुदुच्चेरी के मुख्य सचिवों के साथ बैठक करेगा। 25 मार्च को सरकार ने सभी दलों की बैठक आयोजित की थी ताकि राजनीतिक दलों के नेताओं को पश्चिम एशिया की स्थिति के बारे में जानकारी दी जा सके।
संसद में अपने वक्तव्यों में प्रधानमंत्री ने राज्यों से कालाबाजारी या जमाखोरी पर सख्ती करने को कहा था। उन्होंने उनसे यह सुनिश्चित करने को भी कहा था कि सरकार की कल्याण योजनाओं के लाभ गरीबों, विशेषकर प्रवासी मजदूरों तक पहुंच सकें। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उत्पाद शुल्क में कटौती का स्वागत ‘जन-हितैषी’ कदम के रूप में किया। उधर, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पेट्रोल और डीजल पर सरकार की उत्पाद शुल्क कटौती विधानसभा चुनावों के कारण की गई है।
कांग्रेस महासचिव (मीडिया प्रभारी) जयराम रमेश ने कहा, ‘पिछले 12 वर्षों में सात अलग-अलग अवसरों पर जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, तब भारत में उपभोक्ता कीमतें कम नहीं की गईं।’
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उन्होंने आगे कहा, ‘आज की घोषणा विधान सभा चुनावों के कारण है। 30 अप्रैल तक इंतजार कीजिए।’ असम, केरल और पुदुच्चेरी में विधान सभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही दिन होंगे, तमिलनाडु में 23 अप्रैल और पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। सभी चुनावों की मतगणना 4 मई को होगी।
केरल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से ईंधन पर राज्य करों में कटौती करने का आग्रह किया।