facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

India’s Services PMI: सर्विस सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, अप्रैल में करीब 13 साल के हाई लेवल पर

Advertisement
Last Updated- May 03, 2023 | 12:16 PM IST
Services PMI

देश में सर्विस सेक्टर की वृद्धि अप्रैल में करीब 13 साल के उच्चस्तर पर पहुंच गई। एक मंथली सर्वे में बुधवार को यह जानकारी दी गई है। सर्वे में कहा गया है कि मजबूत मांग परिस्थितियों से नए बिजनेस और प्रोडक्शन में काफी तेज वृद्धि देखने को मिली।

खास बात यह है कि कीमत के मोर्चे पर दबाव के बावजूद मांग बढ़ी है। सीजनल रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सर्विसेज पीएमआई इंडेक्स (S&P Global India Services PMI Index) अप्रैल में बढ़कर 62 पर पहुंच गया। यह मार्च में 57.8 के स्‍तर पर था।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि देश में सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में 2010 के मध्य के बाद सबसे तेज विस्तार हुआ है। अनुकूल बाजार परिस्थितियों तथा नए कारोबार में वृद्धि से सेवा पीएमआई यह उछाल दर्ज हुआ है।

लगातार 21वें महीने सर्विस पीएमआई 50 के स्तर से ऊपर

यह लगातार 21वां महीना है जबकि सेवा पीएमआई 50 के स्तर से ऊपर बना हुआ है। खरीद प्रबंधक सूचकांक (PMI) के 50 से ऊपर होने का मतलब विस्तार से होता है। यदि यह 50 से नीचे है, तो गिरावट को दर्शाता है।

एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में एसोसिएट निदेशक (इकनॉमिक्स) पॉलियाना डि लीमा ने कहा, ‘‘भारत के सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन अप्रैल में काफी शानदार रहा है। इस दौरान नए कारोबार और उत्पादन में वृद्धि पिछले करीब 13 साल में सबसे अधिक रही है। सबसे बेहतर प्रदर्शन वित्तीय और बीमा क्षेत्र ने किया है।’’

रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियों ने संकेत दिया है कि अप्रैल में भारतीय सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग में खासा सुधार हुआ है। नया निर्यात कारोबार लगातार तीसरे महीने बढ़ा है। हालांकि, मूल्य के मोर्चे पर बात की जाए, तो अप्रैल में उत्पादन लागत पिछले तीन माह में सबसे तेजी से बढ़ी है।

सर्वे के अनुसार, खाने-पीने का सामान, ईंधन, दवाएं, परिवहन और मजदूरी मुद्रास्फीति की प्रमुख वजह हैं। उपभोक्ता सेवाओं पर औसत खर्च में सबसे तेज वृद्धि देखने को मिली है।

Advertisement
First Published - May 3, 2023 | 12:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement