facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

छोटे निर्यातकों के लिए खुशखबरी: पोस्टल शिपमेंट से निर्यात को मिलेगा प्रोत्साहन, MSME, ई-कॉमर्स को राहत

Advertisement

इस बदलाव को चलन में लाने के लिए सीबीआईसी ने पोस्टल एक्सपोर्ट (इलेक्ट्रॉनिक डेक्लेयरेशन ऐंड प्रॉसेसिंस) रेगुलेशन, 2022 में संशोधनों को मंजूरी दे दी है

Last Updated- January 16, 2026 | 10:35 PM IST
Marine Insurance,
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने पोस्टल शिपमेंट के माध्यम से होने वाले निर्यात को भी निर्यात प्रोत्साहन नीति के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन के दायरे में ला दिया है। अब 15 जनवरी, 2026 से इलेक्ट्रॉनिक रूप में डाक मार्ग के माध्यम से किए गए निर्यात पर भी शुल्क वापसी, निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) और राज्य और केंद्रीय करों व लेवी की छूट (आरओएससीटीएल) योजनाओं के तहत निर्यात से संबंधित लाभ मिल सकेगा। इसका मकसद  ई कॉमर्स और सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के निर्यात को बढ़ावा देना है। 

सरकार ने शुक्रवार को कहा, ‘इस कदम का मकसद पोस्टल चैनल का उपयोग करने वाले निर्यातकों के लिए एक समान अवसर प्रदान करना और सीमा पार ई-कॉमर्स के विकास के लिए अनुकूल और समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है।’

Also Read: किसानों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए संसद में आएगा नया बीज विधेयक, घटिया बीज पर मिलेगी सख्त सजा

इस फैसले से सूक्ष्म, लघु व मझोले उद्योगों को उल्लेखनीय लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर कस्बों और दूर दराज के इलाकों के निर्यातकों को इससे लाभ मिलेगा, जो विदेश में माल भेजने के लिए इंडिया पोस्ट पर निर्भर है। इस कदम से पोस्टल निर्यात को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इस बदलाव को चलन में लाने के लिए सीबीआईसी ने पोस्टल एक्सपोर्ट (इलेक्ट्रॉनिक डेक्लेयरेशन ऐंड प्रॉसेसिंस) रेगुलेशन, 2022 में संशोधनों को मंजूरी दे दी है।  पिछले कुछ साल से सरकार ने सीमा पार ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। 

विदेश व्यापार नीति 2023 में ‘प्रमोटिंग क्रॉस बॉर्डर ट्रेड इन डिजिटल इकॉनमी’ नाम से एक अलग अध्याय लिखा गया है, जिससे कि कूरियर, पोस्ट, ई-कॉमर्स निर्यात केंद्रों और डाक निर्यात केंद्रो के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा मिल सके।  भारत में इस समय सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत अधिसूचित 28 विदेशी डाकघर हैं। 

Also Read: सुप्रीम कोर्ट के टाइगर ग्लोबल फैसले से GAAR बना कर प्रवर्तन का सबसे मजबूत हथियार, मिली नई ताकत

छोटे निर्यातकों को और समर्थन देने के लिए, सीबीआईसी और डाक विभाग ने हब-ऐंड-स्पोक मॉडल के तहत देश भर में 1,000 से अधिक डाक निर्यात केंद्र स्थापित किए हैं। ये केंद्र एमएसएमई को बुकिंग और निर्यात पार्सल के प्रसंस्करण में मदद करते हैं।

Advertisement
First Published - January 16, 2026 | 10:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement