facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Power consumption: अप्रैल-जून में बिजली खपत 1.8 फीसदी बढ़कर 407.76 अरब यूनिट पर पहुंची

Advertisement

IIP के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-मई की अवधि में बिजली उत्पादन 0.1 घट गया, जबकि 2022 की इसी अवधि में यह 17.4 फीसदी बढ़ा था।

Last Updated- July 23, 2023 | 6:38 PM IST
power

देश में बिजली की खपत चालू साल की अप्रैल-जून तिमाही में सालाना आधार पर 1.8 फीसदी की मामूली वृद्धि के साथ 407.76 अरब यूनिट पर पहुंच गई है। सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। मुख्य रूप से बेमौसम बारिश और बिपरजॉय चक्रवात की वजह से बिजली खपत में वृद्धि मामूली रही है। इससे पिछले साल की अप्रैल-जून तिमाही में बिजली की खपत 400.44 अरब यूनिट (बीयू) थी और 2021 की समान अवधि में यह 340.37 अरब यूनिट रही थी। यानी 2022 की समान अवधि में बिजली की खपत इससे पिछले साल की तुलना में 17.6 फीसदी अधिक रही थी।

बेमौसम बरसात, बिपरजॉय चक्रवात और भारी मॉनसूनी बारिश के कारण बिजली की मांग अनुमान से कम रही

अप्रैल-जून, 2023 में अधिकतम पूरी की गई बिजली की मांग बढ़कर 223.23 गीगावॉट हो गई, जो 2022 की समान अवधि में 215.88 गीगावॉट थी। अप्रैल-जून, 2021 में यह 193.99 गीगावॉट थी। इस प्रकार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बिजली की अधिकतम मांग यानी एक दिन में अधिक बिजली की आपूर्ति में वृद्धि धीमी रही है।

बिजली मंत्रालय ने पहले अनुमान लगाया था कि गर्मियों के दौरान देश में बिजली की मांग 229 गीगावॉट पर पहुंच जाएगी। लेकिन बेमौसम बरसात, बिपरजॉय चक्रवात और भारी मॉनसूनी बारिश के कारण इस साल अप्रैल-जून में यह अनुमानित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है।

Also read: भारत का इंजीनियरिंग निर्यात जून में घटा, रूस के साथ बढ़ा: ईईपीसी

आपूर्ति बाधाओं के कारण होने वाली कटौती से बचने के लिए कई कदम उठाए गए

मंत्रालय ने आपूर्ति बाधाओं के कारण होने वाली कटौती से बचने के लिए कई कदम उठाए हैं। आयातित कोयला आधारित बिजली प्लांटों को पूरी क्षमता पर परिचालन करने को कहा गया है। इसके अलावा इन प्लांटों को किसी भी कमी से बचने के लिए मिश्रण के लिए कोयला आयात करने का भी निर्देश दिया गया है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के कारण बिजली की मांग कम हो गई है, क्योंकि लोगों ने पिछले साल की तुलना में अप्रैल-जून, 2023 के दौरान ठंडक प्रदान करने वाले उपकरणों का कम इस्तेमाल किया।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-मई की अवधि में बिजली उत्पादन 0.1 घट गया, जबकि 2022 की इसी अवधि में यह 17.4 फीसदी बढ़ा था। IIP के आंकड़ों से पता चलता है कि मई में बिजली उत्पादन वृद्धि 0.9 फीसदी पर लगभग स्थिर रही और जबकि अप्रैल में इसमें 1.1 फीसदी की गिरावट आई।

Advertisement
First Published - July 23, 2023 | 6:38 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement