facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Rail coal freight: मई में बढ़ी कोयले की ढुलाई

Advertisement

रेलवे ने मई में कोयले की ढुलाई 9.3% बढ़ाई, माल ढुलाई राजस्व में भी 8.2% की वृद्धि

Last Updated- June 05, 2024 | 10:50 PM IST
Indian Railways

मई में उत्तर भारत में तपिश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के साथ रेलवे ने पिछले साल की तुलना में मात्रा के हिसाब से कोयले की 9.3 प्रतिशत अतिरिक्त ढुलाई की है। वहीं सरकार के आंकड़ों के मुताबिक रेल नेटवर्क से ढुलाई की कुल मात्रा में पिछले महीने की तुलना में 3.9 प्रतिशत बढ़ी है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा,‘मई 2024 में 1,391.6 लाख टन माल की लदान हुई है, जो अप्रैल 2024 में 1,283.0 लाख टन था।’ मई महीने के दौरान भारतीय रेल ने माल ढुलाई से 15,230.9 करोड़ रुपये कमाई की है, जो पिछले महीने की तुलना में 8.2 प्रतिशत ज्यादा है।

मई 2024 में रेलवे ने 14,641 करोड़ रुपये कमाए थे, जिसकी तुलना में माल ढुलाई राजस्व 4 प्रतिशत बढ़ा है। मंत्रालय ने माल ढुलाई की मात्रा में पिछले एक साल में कोई सुधार नहीं किया है। रेलवे ने 2030 तक 300 करोड़ टन सालाना माल ढुलाई का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए उसे माल ढुलाई की मात्रा बढ़ाकर दोगुनी करनी होगी।

बहरहाल संपन्न हुए लोकसभा चुनाव और गर्मियों की भीड़ के कारण रेल से यात्रियों की आवाजाही भी बढ़ी है। इसके कारण रेलवे 10,000 अतिरिक्त ट्रेनें चला रही है। कोयले की ढुलाई ताप बिजली संयंत्रों के लिए बहुत तेजी से हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों को देखते हुए ढुलाई की बेहतर योजना के कारण ऐसा हो सका है। पूर्वी समर्पित माल ढुलाई गलियारा पूरी तरह से चालू होने के कारण भारतीय रेल नेटवर्क के कई भीड़भाड़ वाले प्वाइंट खत्म हुए हैं। यह नेटवर्क पंजाब को बिहार से जोड़ता है।

वित्त वर्ष के आंकड़ों से पता चलता है कि कुल मिलाकर वित्त वर्ष 2024-25 के पहले दो महीनों अप्रैल और मई में कुल 2,674.7 लाख टन ढुलाई हुई है, जो इसके पहले के साल की तुलना में 2.7 प्रतिशत ज्यादा है।

Advertisement
First Published - June 5, 2024 | 10:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement