facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

रेलवे को सालाना 80,000 पहियों की आपूर्ति क्षमता वाले कारखाने के लिए तीन बोलियां मिलीं

बयान में कहा गया कि रामकृष्ण फोर्जिंग ने सबसे कम बोली लगाई है। इसके बाद भारत फोर्ज और सेल का स्थान है।

Last Updated- March 15, 2023 | 5:08 PM IST
Railways
PTI

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) सहित तीन कंपनियों ने पहिया बनाने का कारखाना स्थापित करने के लिए भारतीय रेलवे को बोलियां सौंपी है। इसके तहत अगले 20 वर्षों तक रेलवे को प्रति वर्ष विभिन्न प्रकार के 80,000 पहियों की आपूर्ति की जानी है।

भारतीय रेलवे की ओर से बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार पुणे स्थित भारत फोर्ज और कोलकाता स्थित रामकृष्ण फोर्जिंग्स से भी विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने में दिलचस्पी दिखाई है। भारतीय रेलवे ने आयात पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए अगले 20 वर्षों के लिए हर साल 80,000 पहियों की आपूर्ति के लिए देश में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के संबंध में बोलियां आमंत्रित की थीं।

रेलवे ने इसे एक महत्वपूर्ण ‘मेक-इन-इंडिया’ पहल बताते हुए कहा, ‘बोली प्रक्रिया बहुत पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी थी। निविदा 24 जनवरी, 2023 को खोली गई।’ बयान में कहा गया कि रामकृष्ण फोर्जिंग ने सबसे कम बोली लगाई है। इसके बाद भारत फोर्ज और सेल का स्थान है।

यह भी पढ़ें: Export : क्या आ गई मंदी ! लगातार तीसरे महीने घटा देश का निर्यात

इस समय सेल औसतन 1,87,000 रुपये प्रति टन की दर से आपूर्ति करती है। सेल की मौजूदा घरेलू क्षमता 40,000 पहियों की है और आरआईएनएल की 80,000 पहियों की है (संयंत्र से नियमित वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होना बाकी है)। इस तरह कुल उत्पादन क्षमता 1.20 लाख पहियों की है। रेलवे ने वित्त वर्ष 2022-23 में अभी तक चीन और रूस से लगभग 520 करोड़ रुपये के 80,000 पहियों का आयात किया गया है।

First Published - March 15, 2023 | 5:08 PM IST

संबंधित पोस्ट