facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

खुशखबरी! मार्च तिमाही में घाटे से निकलकर सरप्लस में आया करंट अकाउंट, GDP का 0.6 प्रतिशत रहा

Advertisement

भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि सेवाओं के निर्यात में 10 तिमाहियों के अंतर के बाद आई तेजी के कारण ऐसा हुआ है।

Last Updated- June 24, 2024 | 9:49 PM IST
RBI MPC Meet

मार्च में समाप्त वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में भारत के चालू खाते का संतुलन 5.7 अरब डॉलर के अधिशेष की स्थिति में रहा, जो सकल घरेलू उत्पाद का 0.6 प्रतिशत है। भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि सेवाओं के निर्यात में 10 तिमाहियों के अंतर के बाद आई तेजी के कारण ऐसा हुआ है।

इसके पहले के वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में चालू खाते का घाटा 1.3 अरब डॉलर (जीडीपी का 0.2 प्रतिशत) था। दिसंबर 2023 को समाप्त तिमाही में चालू खाते का घाटा 8.7 अरब डॉलर (जीडीपी का 1 प्रतिशत) था। वित्त वर्ष 2024 में चालू खाते का घाटा कम होकर 23.2 अरब डॉलर रह गया, जो जीडीपी का 0.7 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 23 में यह 67 अरब डॉलर था, जो जीडीपी का 0.2 प्रतिशत है।

इक्रा में अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि भारत का चालू खाते का घाटा वित्त वर्ष 2023 के 67 अरब डॉलर की तुलना में आधे से ज्यादा घटकर 23.2 अरब डॉलर रह गया है, जो 7 साल का निचला स्तर है। उन्होंने कहा कि वस्तु निर्यात में घाटा कम होने के और सेवाओं के व्यापार का अधिशेष बढ़ने के कारण ऐसा हुआ है।

तिमाही आंकड़ों को स्पष्ट करते हुए रिजर्व बैंक ने कहा कि सेवाओं से शुद्ध प्राप्तियां वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में 42.7 अरब डॉलर रही हैं, जो एक साल पहले की समान अवधि के 39.1 अरब डॉलर से अधिक है। इसने वित्त वर्ष 2024 की जनवरी-मार्च तिमाही में चालू खाते के संतुलन को अधिशेष की स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

Advertisement
First Published - June 24, 2024 | 6:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement