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RBI MPC Meet 2023: रिजर्व बैंक ने 2023-24 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान घटाकर 5.1 फीसदी किया

अप्रैल की मौद्रिक समीक्षा बैठक में 2023-24 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के 5.2 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया गया था।

Last Updated- November 14, 2023 | 2:32 PM IST
RBI MPC Meet 2023

भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष (2023-24) के लिए अपने मुद्रास्फीति के अनुमान को मामूली घटाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बृहस्पतिवार को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजों की घोषणा करते हुए यह जानकारी दी।

दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक के मौद्रिक नीति उपायों के वांछित नतीजे मिल रहे हैं। अप्रैल की मौद्रिक समीक्षा बैठक में 2023-24 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के 5.2 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया गया था। इस साल अप्रैल में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति फरवरी के 6.4 प्रतिशत से घटकर 4.7 प्रतिशत पर आ गई है।

अनुकूल आधार प्रभाव तथा तीनों प्रमुख समूहों में नरमी से मुद्रास्फीति नीचे आई है। दास ने कहा, ‘‘भारत में उपभोक्ता मुद्रास्फीति मार्च-अप्रैल, 2023 के दौरान नरम पड़ी है और यह रिजर्व बैंक के दो से छह प्रतिशत के संतोषजनक दायरे में आई है। 2022-23 में यह 6.7 प्रतिशत थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य मुद्रास्फीति अब भी लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है और 2023-24 के शेष महीनों में भी इसके लक्ष्य से अधिक रहने का अनुमान है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसे में मुद्रास्फीति के परिदृश्य पर लगातार और नजदीकी नजर रखने की जरूरत है, विशेषरूप से यह देखते हुए किा मानसून का परिदृश्य और अल नीनो का प्रभाव अभी अनिश्चित है।

रिजर्व बैंक का अनुमान है कि 2023-24 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 5.1 प्रतिशत रहेगी। पहली तिमाही में यह 4.6 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 5.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.2 प्रतिशत रह सकती है।

First Published - June 8, 2023 | 12:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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