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RBI MPC Meet: रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति बैठक तीन अप्रैल से, ब्याज दर में 0.25 फीसदी की और वृद्धि संभव

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तीन दिनों तक चलने वाली यह बैठक छह अप्रैल को नीतिगत दर संबंधी फैसले के साथ खत्म होगी।

Last Updated- March 26, 2023 | 4:11 PM IST
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खुदरा महंगाई के छह फीसदी के संतोषजनक स्तर से ऊपर बने रहने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत कई केंद्रीय बैंकों के आक्रामक रुख के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी अगली मौद्रिक समीक्षा में रीपो दर में 0.25 फीसदी की एक और वृद्धि का फैसला कर सकता है।

मौद्रिक नीति के निर्धारण संबंधी सर्वोच्च संस्था मौद्रिक नीति समिति (MPC) की द्विमासिक समीक्षा बैठक तीन अप्रैल से शुरू होने वाली है। तीन दिनों तक चलने वाली यह बैठक छह अप्रैल को नीतिगत दर संबंधी फैसले के साथ खत्म होगी। MPC की बैठक में मौद्रिक नीति से जुड़े तमाम घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय पहलुओं की व्यापक समीक्षा के बाद कोई फैसला लिया जाएगा।

इस दौरान खुदरा महंगाई की स्थिति और फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक एवं बैंक ऑफ इंग्लैंड जैसे प्रमुख केंद्रीय बैंकों के हालिया कदमों का भी गहन विश्लेषण किया जाएगा।

महंगाई पर काबू पाने के लिए RBI ने मई, 2022 से लगातार नीतिगत ब्याज दर में बढ़ोतरी का रुख अपनाया हुआ है। इस दौरान रीपो दर चार फीसदी से बढ़कर 6.50 फीसदी पर पहुंच चुकी है। गत फरवरी में संपन्न पिछली MPC बैठक में भी रीपो दर में 0.25 फीसदी की वृद्धि की गई थी।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित महंगाई जनवरी में 6.52 फीसदी और फरवरी में 6.44 फीसदी पर रही है। खुदरा महंगाई का यह स्तर RBI के लिए निर्धारित छह फीसदी के सुविधाजनक स्तर से अधिक है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘पिछले दो महीनों से महंगाई के छह फीसदी से ऊपर बने रहने और तरलता के भी अब लगभग तटस्थ हो जाने के बाद ऐसी उम्मीद है कि RBI एक बार फिर रीपो दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। इसके साथ ही RBI अपने रुख को तटस्थ घोषित कर यह संकेत भी दे सकता है कि दरों में वृद्धि का दौर खत्म हो चुका है।’

यह भी पढ़ें : RBI के बोर्ड ने वैश्विक घटनाओं के पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा की

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री डी के पंत का भी मत है कि MPC की बैठक में रीपो दर में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने इसके अंतिम दर वृद्धि होने की भी संभावना जताई।

हालांकि, पीडब्ल्यूसी इंडिया के भागीदार (आर्थिक सलाहकार सेवाएं) रानेन बनर्जी का मानना है कि भारत में महंगाई के पीछे आपूर्ति कारकों के बड़ी वजह होने से MPC इस बार ब्याज दर में वृद्धि का सिलसिला रोकने का फैसला भी कर सकती है। यह वित्त वर्ष 2023-24 की पहली मौद्रिक समीक्षा बैठक होगी। समूचे वित्त वर्ष में RBI कुल छह MPC बैठकों का आयोजन करेगा।

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First Published - March 26, 2023 | 4:11 PM IST

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