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RBI MPC Meet: Repo Rate बढ़ेगी, घटेगी या रहेगी स्थिर…क्या होगा RBI का फैसला? बता रहे हैं एक्सपर्ट्स

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आरबीआई की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक तीन से पांच जून तक होगी

Last Updated- May 31, 2026 | 5:21 PM IST
Reserve Bank of India (RBI)

RBI MPC Meet: पश्चिम एशिया में जारी तनाव, एनर्जी कीमतों में तेजी और सप्लाई चेन संबंधी चुनौतियों के बीच एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस सप्ताह अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर (रीपो रेट) को 5.25 फीसदी पर यथावत रख सकता है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक अपने सतर्क रुख पर भी कायम रहेगा। आरबीआई की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक तीन से पांच जून तक होगी।

RBI बढ़ा सकता है महंगाई का अनुमान

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा पांच जून को नीतिगत निर्णयों की घोषणा करेंगे। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ती एनर्जी कीमतों, कमजोर होते रुपये और सप्लाई चेन में व्यवधान के कारण आरबीआई अपने महंगाई के अनुमान बढ़ा सकता है तथा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान में कटौती कर सकता है। अप्रैल में आरबीआई ने पश्चिम एशिया संघर्ष के एनर्जी सप्लाई, महंगाई और आर्थिक वृद्धि पर प्रभाव का आकलन करने के लिए ‘देखो और इंतजार करो’ का रुख अपनाते हुए रीपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया था।

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रीपो रेट में बदलाव की संभावना नहीं

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के आर्थिक शोध विभाग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा अस्थिर परिस्थितियों को देखते हुए जून की मौद्रिक नीति में यथास्थिति बनाए रखे जाने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई अगले तीन तिमाहियों में 5 फीसदी से ऊपर रह सकती है, जबकि चालू तिमाही में इसके चार से 4.1 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.2 फीसदी तथा पूरे वित्त वर्ष में 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है।

RBI का रुख सतर्क रहेगा

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने भी अगले सप्ताह रीपो रेट या नीतिगत रुख में किसी बदलाव की संभावना से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि आरबीआई का रुख सतर्क रहेगा और वह महंगाई अनुमान को लगभग 5 फीसदी तक बढ़ाने तथा जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.9 फीसदी से घटाकर करीब 6.5 फीसदी कर सकता है।

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सप्लाई साइड दबाव पर RBI की नजर

आरबीआई ने शुक्रवार को जारी अपनी एनुअल रिपोर्ट में कहा था कि वह चालू वित्त वर्ष के दौरान जीडीपी वृद्धि और महंगाई पूर्वानुमान प्रणाली की समीक्षा और उसमें सुधार करेगा। क्रिसिल की प्रधान अर्थशास्त्री दीप्ति देशपांडे ने कहा कि आरबीआई के रीपो रेट को अपरिवर्तित रखने और तटस्थ नीति रुख बनाए रखने की संभावना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महंगाई का दबाव मुख्य रूप से सप्लाई साइड से जुड़ा है, जिसमें ऊंची ईंधन लागत, कच्चे माल की बढ़ी कीमतें और कमजोर रुपया शामिल हैं।

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - May 31, 2026 | 5:21 PM IST

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