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45.20 अरब डॉलर का रिकॉर्ड एक्सपोर्ट, फिर भी नहीं मिली राहत; आयात की रफ्तार ने बढ़ाया ट्रेड डेफिसिट

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मई 2026 में भारत का वस्तु निर्यात रिकॉर्ड 45.20 अरब डॉलर पर पहुंचा, लेकिन आयात में तेज बढ़ोतरी से व्यापार घाटा ऊंचे स्तर पर बना रहा।

Last Updated- June 16, 2026 | 8:40 AM IST
India exports up 18% at $45.2 bn in May; trade deficit widens to $28.21 bn
Representative image

वाणिज्य मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मई में आयात में तेज बढ़ोतरी हुई और यह दूसरे सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया जिससे भारत का व्यापार घाटा बढ़ गया और व्यापारिक वस्तु निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

भारत का व्यापारिक वस्तुओं का निर्यात मई में सालाना आधार पर 18 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 45.20 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पादों और इंजीनियरिंग वस्तुओं के मजबूत निर्यात तथा पश्चिम एशिया के लिए होने वाले शिपमेंट में सुधार के कारण हुई।
हालांकि, व्यापार घाटा पिछले साल की तुलना में काफी बढ़ा रहा और महीने-दर-महीने केवल थोड़ा ही कम हुआ। यह अप्रैल के 28.38 अरब डॉलर से घटकर मई में 28.21 अरब डॉलर रह गया।

दूसरी ओर, आयात लगभग 21 फीसदी बढ़कर पिछले सात महीनों के उच्च स्तर 73.41 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह रिकॉर्ड स्तर पर भारत का दूसरा सबसे बड़ा आयात बिल है जो पिछले वर्ष अक्टूबर के 76.73 अरब डॉलर से कम है।

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, मई में सेवाओं का निर्यात अनुमानित रूप से 36.76 अरब डॉलर रहा, जो सालाना 13 फीसदी की वृद्धि है। वहीं सेवाओं का आयात 14 फीसदी बढ़कर 19.06 अरब डॉलर हो गया। इससे सेवाओं के व्यापार में भारत को मई में लगभग 17.70 अरब डॉलर का अधिशेष मिला।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इस महीने के आखिर में सेवा व्यापार के अंतिम आंकड़े जारी कर सकता है। मई महीने में निर्यात वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान पेट्रोलियम उत्पादों और इंजीनियरिंग वस्तुओं का रहा। पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 55 फीसदी बढ़कर 8.42 अरब डॉलर हो गया जबकि इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात लगभग 25 फीसदी बढ़कर 12.31 अरब डॉलर पहुंच गया।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया को होने वाला निर्यात लगभग मई 2025 के स्तर पर लौट आया है। भारत का इस क्षेत्र को निर्यात मई में 5.30 अरब डॉलर रहा जबकि पिछले साल यह 5.38 अरब डॉलर था।

उन्होंने बताया कि निर्यात संवर्धन एजेंसियों और नौवहन मंत्रालय के प्रयासों से खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के दौरान वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था के कारण यह सुधार संभव हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद पश्चिम एशिया में स्थिति सामान्य रहती है तब जून में निर्यात और बेहतर रहने की संभावना है। अग्रवाल ने कहा, ‘भारत का आयात पश्चिम एशिया से मई में 10.74 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल यह13 अरब डॉलर था।

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First Published - June 16, 2026 | 8:40 AM IST

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