facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Repo rate: RBI नीतिगत दर में अगले साल जुलाई के बाद करेगा कटौती, महंगाई तय करेगी फैसला

Advertisement

Icra ने कहा कि नीतिगत दर रेपो में वृद्धि तभी संभव है जब लगातार दो तिमाहियों में खुदरा महंगाई दर छह प्रतिशत से ऊपर बनी रहती है

Last Updated- August 14, 2023 | 8:48 PM IST
RBI Dividend: What is the reason for Reserve Bank of India giving huge dividend to the government? economists explained RBI Dividend: रिजर्व बैंक के सरकार को भारी लाभांश देने की क्या है वजह? अर्थशास्त्रियों ने समझाया

घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा (Icra) ने सोमवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अगले साल जुलाई-सितंबर तिमाही में ही नीतिगत दर में कटौती किए जाने की उम्मीद है।

एजेंसी ने यह भी कहा कि नीतिगत दर रेपो में वृद्धि तभी संभव है जब लगातार दो तिमाहियों में खुदरा महंगाई दर छह प्रतिशत से ऊपर बनी रहती है।

इक्रा ने कहा, ‘मौद्रिक नीति समिति के ताजा अनुमान के अनुसार, महंगाई दर वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में पांच प्रतिशत से ऊपर रहेगी। इसके आधार पर हमने नीतिगत दर में कटौती के पहले के अनुमान को आगे बढ़ाकर 2024-25 की दूसरी तिमाही कर दिया है।’

सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सब्जियों तथा अन्य खाने का सामान महंगा होने से खुदरा मुद्रास्फीति (retail inflation) जुलाई में उछलकर 15 महीने के उच्चस्तर 7.44 प्रतिशत पर पहुंच गयी है।

Icra की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘अगस्त, 2023 की शुरुआत में खाद्य मुद्रास्फीति का आंकड़ा बहुत आशाजनक नहीं है। हमारा अनुमान है कि अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 6.5 प्रतिशत से ऊपर होगी। सितंबर में ही इसमें उल्लेखनीय रूप से नरमी आने की उम्मीद है।’

उन्होंनें कहा कि जुलाई में सब्जियों के साथ दाल, मसाले और अनाज के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ी है। नायर ने कहा कि अगर सब्जियों के असर को बाहर कर दिया जाए, खुदरा मुद्रास्फीति 5.4 प्रतिशत पर आ जाएगी और अपेक्षाकृत संतोषजक स्थिति होगी।

Advertisement
First Published - August 14, 2023 | 8:48 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement