facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट: वैश्विक व्यापार युद्ध का भारत की अर्थव्यवस्था पर सीमित असर, घरेलू वृद्धि इंजन मजबूत

Advertisement

रिपोर्ट में वैश्विक आर्थिक परिदृश्य की चुनौतियों के बावजूद भारत की स्थिरता और विकास दर में सुधार की संभावना जताई गई

Last Updated- April 22, 2025 | 11:26 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर बुलेटिन में कहा गया है कि इस समय चल रहे वैश्विक व्यापार युद्ध का भारत की अर्थव्यवस्था पर असर सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि घरेलू वृद्धि के दो इंजन खपत और निवेश पर इस तरह की प्रतिकूल परिस्थितियों का असर कम रहने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जनवरी के मध्य से केंद्रीय बैंक द्वारा नकदी को लेकर उठाए गए कदम से मुद्रा बाजार में अनुकूल स्थिति बनाए रखने में मदद मिली है। इससे दरों व स्प्रेड में नरमी के साथ नकदी की स्थिति में सुधार हुआ है। यह जमा प्रमाण पत्र (सीडी) और वाणिज्यिक पत्र और ट्रेजरी बिल में नरमी से भी स्पष्ट होता है।

रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि 1 अप्रैल से बैंक ऋण के लिए जोखिम भार कम कर दिए जाने से एनबीएफसी को मिलने वाले धन में भी सुधार होगा। रिपोर्ट रिजर्व बैंक के कर्मचारियों द्वारा तैयार की गई है और यह केंद्रीय बैंक का विचार नहीं है। मजबूत वृहद आर्थिक ढांचे, महंगाई दर में गिरावट और मजबूत घरेलू वृद्धि इंजन के कारण वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की भारत की ताकत बढ़ी है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘कमजोर वैश्विक आर्थिक परिदृश्य से भारत की कुल मिलाकर वृद्धि दर प्रभावित हो सकती है, क्योंकि विदेश में मांग कम रहेगी। लेकिन भारत के घरेलू वृद्धि इंजन जैसे खपत और निवेश बाहरी प्रतिकूल स्थितियों से अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं।’ रिपोर्ट में कहा गया है कि 19 प्रतिशत ऋण-जीडीपी अनुपात और पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार से पता चलता है कि भारत पर विदेशी उतार-चढ़ाव का असर कम है।

11 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 677.8 अरब डॉलर था, जो 11 महीने के आयात के लिए पर्याप्त है। भारत का सेवा निर्यात बेहतर बना हुआ है और विदेश से धन की आवक से चालू खाते के लिए बफर मुहैया कराती रहेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थिर वृहद आर्थिक परिदृश्य के कारण भारत तरजीही निवेश केंद्र बना हुआ है। इसमें कहा गया है, ‘तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ स्थिर वृहद आर्थिक परिदृश्य के कारण भारत तरजीही निवेश केंद्र बना हुआ है।’

Advertisement
First Published - April 22, 2025 | 11:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement